राँची:- राजधानी रांची के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बुटी मोड़ में इस बार भी महाशक्ति दुर्गा पूजा समिति की ओर से भव्य पूजा आयोजन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। करीब 20 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे पूजा पंडाल में इस बार कृष्ण लीला की थीम पर विशेष कलाकारी देखने को मिलेगी।
समिति के अनुसार इस बार पूजा पंडाल की सबसे बड़ी खासियत इसकी थीम और कलाकारी होगी। पंडाल में कृष्ण लीला की थीम को प्रमुखता दी जा रही है। इसके साथ ही पंडाल के अंदरूनी हिस्से में भी विशेष सजावट और कलाकारी देखने को मिलेगी, जिसे लेकर समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
करीब 20 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा पंडाल
महाशक्ति दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष पंडाल निर्माण और सजावट पर करीब 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। पंडाल निर्माण का काम करीब एक महीने से चल रहा है। फिलहाल लगभग 40 कारीगर और मजदूर पंडाल को तैयार करने में जुटे हैं।
लगातार हो रही बारिश के बावजूद पंडाल निर्माण का काम प्रभावित न हो, इसके लिए टेंट और स्टील स्ट्रक्चर सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। समिति के अनुसार मौसम की चुनौती के बीच भी कारीगर लगातार काम कर रहे हैं ताकि निर्धारित समय पर पंडाल को तैयार किया जा सके।
पंडाल में ही तैयार की जा रही प्रतिमा
इस आयोजन की एक खास बात यह भी है कि मां दुर्गा की प्रतिमा को पंडाल परिसर में ही तैयार किया जा रहा है। प्रतिमा निर्माण के साथ-साथ पंडाल की सजावट का काम भी समानांतर रूप से चल रहा है।
1999 से हो रहा है पूजा का आयोजन
समिति के संस्थापक सदस्य सज्जन कुमार पंकज के अनुसार महाशक्ति दुर्गा पूजा समिति वर्ष 1999 से बुटी मोड़ में दुर्गा पूजा का आयोजन करती आ रही है। क्षेत्र की जनता के सहयोग और समर्थन के साथ समिति ने धीरे-धीरे अपने आयोजन का विस्तार किया है।
बुटी मोड़ रांची के प्रमुख प्रवेश मार्गों में से एक है। दूसरे जिलों और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रांची आते-जाते हैं। ऐसे में दुर्गा पूजा के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
शाम से सुबह तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है पंडाल
समिति के अनुसार पूजा के दौरान शाम से लेकर सुबह तक श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु रांची में पूजा और दर्शन के बाद देर रात अपने घरों की ओर लौटते हैं। इसी वजह से बुटी मोड़ पर देर रात तक भी लोगों की आवाजाही बनी रहती है।
भीड़ प्रबंधन के लिए वॉलंटियर्स की टीम
भारी भीड़ को नियंत्रित करना समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहता है। इसके लिए समिति की ओर से युवा वॉलंटियर्स की टीम तैयार की जाती है, जो श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करती है।
समिति का कहना है कि पूजा के दौरान प्रशासन की ओर से मिलने वाले सहयोग के साथ-साथ समिति अपने स्तर पर भी सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत रखने का प्रयास करती है।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा परिसर और आसपास के क्षेत्र में समिति की ओर से करीब 10 से 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की बात कही गई है। इन कैमरों की निगरानी के लिए ऑपरेटर की व्यवस्था भी की जाती है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भीड़ के दौरान महिलाओं के आभूषण और व्यक्तिगत सामान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि पूजा के दौरान महंगे आभूषण पहनकर आने से बचें और अपने सामान की स्वयं भी निगरानी रखें।
षष्ठी से बाहरी हिस्सा देखने की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए समिति की ओर से पंडाल के बाहरी हिस्से को षष्ठी से ही देखने के लिए खोलने की तैयारी है। वहीं प्रतिमा के पट सप्तमी की सुबह खोले जाने की जानकारी दी गई है।
श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण पूजा मनाने की अपील
महाशक्ति दुर्गा पूजा समिति ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में दुर्गा पूजा का उत्सव मनाने की अपील की है। समिति की ओर से कहा गया है कि लोग परिवार के साथ पूजा का आनंद लें और पर्व के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
बुटी मोड़ में तैयार हो रहा यह भव्य पूजा पंडाल दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है। कृष्ण लीला की थीम, विशेष कलाकारी और भव्य सजावट के साथ समिति आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी में जुटी है।









