झारखंड में स्कूली वोकेशनल शिक्षा को मजबूत करने पर राज्य स्तरीय परामर्श

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राँची:- झारखंड में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को पारंपरिक अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल, करियर अवसरों और रोजगार की बदलती दुनिया से जोड़ने की दिशा में राज्य स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया। रांची स्थित Xavier Institute of Social Service (XISS) और IPE Global द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, सरकार, विकास क्षेत्र, आजीविका मिशन, उद्योग और CSR क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

परामर्श का मुख्य उद्देश्य झारखंड में स्कूली व्यावसायिक शिक्षा को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक, प्रासंगिक और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों के अनुभवों एवं सुझावों को एक साझा मंच पर लाना था। कार्यक्रम में इस बात पर चर्चा हुई कि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें भविष्य के करियर विकल्पों, कौशल प्रशिक्षण और कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों से भी परिचित कराया जाए।

विद्यार्थियों को कौशल और करियर अवसरों से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम में श्री शशि रंजन, IAS, राज्य परियोजना निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने राज्य में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल और करियर अवसरों से जोड़ने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने विशेषज्ञों और उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के बहु-हितधारक संवाद राज्य में व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने और इसके लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

शिक्षा, उद्योग और विकास क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने साझा किए सुझाव

परामर्श के दौरान दो पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। इन चर्चाओं में शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका, उद्योग और विकास क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

पैनल में प्रो. अनंत कुमार, XISS के साथ Catalyst for Change, PREJĀ Foundation, Azim Premji University, Jharkhand State Livelihood Promotion Society (JSLPS), Tata Steel Foundation, Tata STRIVE, Federation of Jharkhand Chamber of Commerce and Industries (FJCCI) तथा Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) से जुड़े प्रतिनिधि शामिल रहे।

चर्चा के दौरान विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को विद्यार्थियों की करियर आकांक्षाओं, व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक सीखने, उद्योग से परिचय, कार्यस्थल की तैयारी तथा आगे की शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विचार-विमर्श किया गया।

Career Awareness और Experiential Learning पर विशेष चर्चा

पैनल चर्चाओं में Career Awareness, Experiential Learning, School–Industry Linkages, Industry Exposure, On-the-Job Training (OJT), Apprenticeship और Internship जैसे विषय प्रमुख रहे।

उद्योग और CSR क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को उद्योगों के Infrastructure, Laboratories और Workplaces से परिचित कराने की संभावनाओं पर सुझाव साझा किए। इसके साथ ही विद्यार्थियों के बीच करियर जागरूकता बढ़ाने और Work-readiness तथा Employability Skills विकसित करने में उद्योगों और CSR संस्थाओं की संभावित भूमिका पर भी चर्चा हुई।

व्यावसायिक शिक्षा के साथ स्पष्ट Career Progression Pathway की जरूरत

चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि व्यावसायिक शिक्षा को केवल एक अतिरिक्त विषय तक सीमित रखने के बजाय इसे विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल की परिस्थितियों से परिचित कराने और भविष्य के करियर विकल्पों को समझने का प्रभावी माध्यम बनाया जाना चाहिए।

इस दिशा में स्कूलों, उद्योगों, CSR संगठनों, उच्च शिक्षण संस्थानों तथा कौशल एवं आजीविका क्षेत्र के बीच लगातार साझेदारी को महत्वपूर्ण माना गया। विद्यार्थियों के लिए स्कूल स्तर से आगे की शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार तक स्पष्ट Career Progression Pathways विकसित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।

अभिभावकों और समुदाय की भागीदारी पर भी जोर

समापन सत्र में डॉ. श्रीयमोयी भट्टाचार्य, National Lead – Vocational Education, IPE Global ने व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए अभिभावकों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट Progression Pathways तैयार करने और उद्योगों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने की जरूरत भी बताई। उन्होंने JEPC के साथ मिलकर इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार, XISS, उद्योग साझेदारों और अन्य प्रतिभागियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम का समापन प्रो. अनंत कुमार, Programme Head, Rural Management, XISS द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

स्कूली शिक्षा और रोजगार के बीच मजबूत कड़ी बनाने की दिशा

राज्य स्तरीय इस परामर्श में सामने आए सुझावों का केंद्र विद्यालयी शिक्षा को कौशल, करियर और रोजगार की जरूरतों से जोड़ना रहा। विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही करियर विकल्पों की जानकारी, व्यावहारिक अनुभव और उद्योग जगत से परिचय उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थागत प्रयासों की आवश्यकता है।

व्यावसायिक शिक्षा को स्कूल स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए सरकार, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, CSR संगठनों और समुदाय के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया। इस तरह की साझेदारी विद्यार्थियों को शिक्षा के बाद उपलब्ध विभिन्न कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के रास्तों को समझने में मदद कर सकती है।

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Author: Ranchi Club Tv

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