राँची:- राँची के चुटिया में मां दुर्गा की विदाई के साथ 113 साल पुरानी दुर्गा पूजा परंपरा का समापन हो रहा है। महादेव मंडा में आयोजित पूजा के अंतिम दिन समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं के बीच भक्ति और भावुकता का माहौल देखने को मिला। दो महीने की तैयारियों और मेहनत के बाद पूजा का आयोजन संपन्न होने पर समिति ने संतोष जताया है। समिति के अध्यक्ष राजकुमार महतो ने कहा कि मां की विदाई का दिन उनके लिए भावुक करने वाला है, क्योंकि पूरे साल पूजा की तैयारी की जाती है और अंतिम दिन मां को विदा करना पड़ता है।
निर्माण कार्य के कारण विसर्जन मार्ग में बदलाव
मां दुर्गा की विदाई के लिए समिति ने विसर्जन यात्रा की तैयारी की है। अध्यक्ष राजकुमार महतो ने बताया कि पहले निर्धारित मार्ग में कमलू तालाब की ओर जाने वाला रास्ता निर्माण कार्य के कारण बाधित है। इस वजह से विसर्जन यात्रा के मार्ग में बदलाव किया गया है।
समिति अध्यक्ष के अनुसार, यात्रा चुटिया से निकलकर मिलन चौक, अमर चौक और मस्कूटोली होते हुए आगे बढ़ेगी। इसके बाद ऑक्सफोर्ड और शिशु मंदिर की ओर से महादेव मंडा पहुंचेगी। वहां से राम मंदिर होते हुए बनस तालाब में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि पूरी विसर्जन यात्रा में लगभग पांच घंटे लगने का अनुमान है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखें और प्रशासन तथा आयोजकों के निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन के सहयोग पर समिति अध्यक्ष ने रखी अपनी बात
पूजा के आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजकुमार महतो ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी प्रतिदिन पूजा स्थल पर आते रहे, लेकिन समिति को जिस समय विशेष सहयोग की आवश्यकता थी, उस दिन अपेक्षित सहायता नहीं मिल पाई। यह समिति अध्यक्ष का बयान है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
अगले साल आयोजन को और बेहतर बनाने का संकल्प
समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस बार के आयोजन के दौरान सामने आई कमियों की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए समिति ने एक सूची तैयार की है, जिस पर सभी सदस्यों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष पूजा को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे।
राजकुमार महतो ने चुटिया के लोगों से आने वाले वर्षों में भी इसी तरह प्यार और सहयोग बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समिति की कोशिश है कि चुटिया की दुर्गा पूजा रांची के प्रमुख पूजा आयोजनों में अपनी पहचान और मजबूत करे। मां दुर्गा की विदाई के साथ समिति ने अगले वर्ष फिर बेहतर आयोजन करने का संकल्प जताया है।









