दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ अतिथियों एवं निर्णायक मंडली के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् एवं कोल इंडिया गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के दौरान गणेश वंदना और एकल अभिनय प्रतियोगिता ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुत संगीतमय नाट्य कार्यक्रम समारोह का विशेष आकर्षण रहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिभागियों के उत्साह और समर्पण को प्रदर्शित किया गया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित
राजभाषा माह के दौरान सीसीएल में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को समारोह में सम्मानित किया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से कर्मचारियों को हिंदी में अपनी रचनात्मक प्रतिभा और भाषाई कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिला। हिंदी साहित्य, व्यंग्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक प्रियदर्शी को ‘राजभाषा भास्कर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि सीसीएल के सभागार में आयोजित प्रस्तुतियों को देखकर वह निशब्द हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में शामिल होकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। कार्यक्रम में प्रस्तुत रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों ने राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिभागियों के उत्साह और समर्पण को प्रदर्शित किया।
हिंदी में कार्य करने पर गर्व : निदेशक (वित्त)
सीसीएल के निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा माह का यह कार्यक्रम उनके मन के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि हिंदी में कार्य करने में उन्हें गर्व की अनुभूति होती है।निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि भाषा हमारी पहचान और विरासत है। इसे संजोकर रखना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सीसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री पंकज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा हमारे राष्ट्रीय प्रतीकों में शामिल है और इसे बढ़ावा देना हम सभी का कर्तव्य है।
हिंदी में कार्य करने की संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
समारोह के दौरान राजभाषा के प्रचार-प्रसार, हिंदी में कार्य करने की संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के संकल्प को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री अशोक कुमार ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री दीविक दिवेश द्वारा प्रस्तुत किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।









