राँची:- एनएसएस दिवस के अवसर पर वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची की एनएसएस इकाई द्वारा गोद लिए गए गांव लाली, नामकुम में ‘कैच द रेन’ कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों एवं आमजन को वर्षा जल संरक्षण, जल संचयन तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
जागरूकता रैली में एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। स्वयंसेवकों ने हाथों में जल संरक्षण से संबंधित संदेशों वाली तख्तियां लेकर ग्रामीण क्षेत्र में रैली निकाली और लोगों को वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया।
रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने “वर्षा जल बचाएं, जल संकट दूर भगाएं” और “जल है तो कल है” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की अपील की।
कार्यक्रम में वाईबीएन विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डॉ. कौशल किशोर एवं श्री संतोष कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने रैली में शामिल एनएसएस स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया और जल संरक्षण के संदेश को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पानी का संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को वर्षा जल के संचयन और संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जल संसाधनों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का संदेश दिया। रैली के माध्यम से लोगों को पानी की प्रत्येक बूंद के महत्व को समझने और जल के दुरुपयोग से बचने के लिए प्रेरित किया गया।
‘कैच द रेन’ अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में जल के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना को मजबूत करना रहा। एनएसएस स्वयंसेवकों की इस पहल के जरिए युवाओं की सामाजिक भागीदारी और जन-जागरूकता को भी बढ़ावा मिला।
लाली गांव में आयोजित जागरूकता रैली के माध्यम से एनएसएस इकाई ने ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया और लोगों को वर्षा जल को बचाने तथा उसका उचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।









