राँची:- ईद मिलाद-उन-नबी के पावन अवसर पर राजधानी रांची में मुस्लिम समुदाय की ओर से भव्य जुलूस निकाला गया। डोरंडा के छप्पन सेट चौक पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे एवं समाजसेवी दिलशाद अली ने स्वागत शिविर लगाकर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया। भारी बारिश के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। स्वागत शिविर में चना, निमकी, फल और टॉफी वितरित किए गए। इस दौरान दिलशाद अली, असलान खान, जहांगीर खान, मो. आसिफ, महताब आलम, जहिर अली, हामिद खान और अमजद खान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रिसालदार बाबा मजार शरीफ में जलसे का समापन
इसके बाद डोरंडा स्थित रिसालदार बाबा मजार शरीफ में आयोजित जलसे के समापन समारोह में भी कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे शामिल हुए। जुलूस का नेतृत्व कर रहे सुन्नी बरेलवी सेंट्रल कमेटी के सरपरस्त मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, अध्यक्ष डॉ. मौलाना ताजुद्दीन, महासचिव अकील उर रहमान, ऐदारे शरिया के सदर नाजिमे आला, सुन्नी बरेलवी केंद्रीय कमेटी के मौलाना शेर मोहम्मद, आफताब आलम, हाजी सउद, महबूब रिजवी, मोहम्मद असलम सहित अन्य पदाधिकारियों को पगड़ी एवं माला भेंटकर सम्मानित किया गया।
जलसे के समापन पर सलाम पेश किया गया। इस अवसर पर राज्य की खुशहाली, अमन, तरक्की, सामाजिक सद्भाव एवं आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई।
पैगंबर साहब की शिक्षाएं शांति और भाईचारे का संदेश देती हैं
जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर इस दुनिया में तशरीफ लाए। उनकी आमद के दिन को ईद मिलाद-उन-नबी के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाएं पूरी मानवता को शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती हैं।
सुन्नी बरेलवी सेंट्रल कमेटी के महासचिव अकील उर रहमान ने ईद मिलाद-उन-नबी की मुबारकबाद देते हुए जुलूस के सफल आयोजन के लिए राजधानीवासियों एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाएं इंसान को हर बुराई से दूर रहकर नेक रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
आलोक कुमार दूबे ने दिया सामाजिक सद्भाव मजबूत करने का संदेश
इस मौके पर कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने संपूर्ण मानव जाति को दया, करुणा, आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। आज आवश्यकता है कि हम उनके बताए आदर्शों और शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि ईद मिलाद-उन-नबी का संदेश समाज में प्रेम, शांति, सद्भाव और इंसानियत को मजबूत करने वाला है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान सदियों से गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की रही है। हमें मिल-जुलकर इस परंपरा को और मजबूत करना है तथा राज्य की तरक्की एवं खुशहाली के लिए एकजुट होकर काम करना है।
ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर राजधानी में निकले भव्य जुलूस ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द, धार्मिक आस्था और भाईचारे का संदेश दिया।









