राँची:- केंद्र सरकार के UGC से संबंधित बिल के विरोध में अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने गुरुवार को राजधानी रांची में विरोध मार्च निकाला। मोर्चा के अध्यक्ष राजेश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से मौन जुलूस की शक्ल में लोकभवन पहुंचे। यहां राज्यपाल के नाम आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। मार्च शुरू करने से पहले प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत माता रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजेश सिंह ने कहा- UGC से संबंधित बिल वापस लिया जाए
मोर्चा के अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि संगठन UGC से संबंधित बिल के विरोध में है और केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के हितों को लेकर संगठन की ओर से आठ प्रमुख मांगें रखी गई हैं। राजेश सिंह के मुताबिक, आगे की रणनीति संगठन के सदस्यों के साथ बैठक कर तय की जाएगी और दिवाली तथा छठ पर्व के बाद आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
राजेश सिंह ने अपने बयान में कहा कि संगठन ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित प्रावधान समाज में विभाजन और जातीय तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन सवर्ण समाज के अधिकारों और हितों को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठाता रहेगा।
ज्ञापन में रखी गईं आठ प्रमुख मांगें
राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सवर्ण समाज से जुड़ी कई मांगों को शामिल किया गया है। इनमें राष्ट्रीय सवर्ण आयोग के गठन की मांग प्रमुख है। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों से UGC एक्ट हटाने, एक परिवार को एक बार ही आरक्षण का लाभ देने और जातिगत आरक्षण के अलावा सभी वर्गों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग रखी गई।
मोर्चा की ओर से झारखंड में बिहार की तर्ज पर सवर्ण आयोग गठित करने, गरीब एवं मेधावी सवर्ण छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू करने, सवर्ण छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण कराने तथा सरकारी योजनाओं में सभी वर्गों को समान हिस्सेदारी देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।
नीलम चौबे बोलीं- आने वाली पीढ़ी के लिए चिंता का विषय
प्रदर्शन में शामिल नीलम चौबे ने कहा कि उनके अनुसार वर्तमान स्थिति सवर्ण समाज के लिए अन्यायपूर्ण है और आने वाले दिनों में इसका असर बच्चों तथा उनकी आने वाली पीढ़ी पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि संगठन चाहता है कि संबंधित एक्ट को हटाया जाए और समाज को उसका अधिकार दिया जाए।
नीलम चौबे ने कहा कि उनकी मुख्य मांग अपने अधिकार और हिस्सेदारी को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज आगे भी उठाता रहेगा।
मालती सिंह ने कहा- UGC के विरोध में जारी रहेगा आंदोलन
वहीं मालती सिंह ने कहा कि संगठन ज्ञापन सौंपने के लिए आया था, लेकिन मुख्यमंत्री की माता रूपी सोरेन के निधन के कारण कार्यक्रम को संक्षिप्त किया गया। उन्होंने कहा कि UGC से संबंधित बिल का विरोध जारी रहेगा।
मालती सिंह ने कहा कि संगठन की मांग है कि इस कानून को हटाया जाए, क्योंकि उनके अनुसार यह आने वाली पीढ़ी के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आगे भी विरोध जारी रखा जाएगा और संगठन अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर भी आवाज उठाएगा।
दिवाली-छठ के बाद आंदोलन को धार देने की तैयारी
अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने संकेत दिया है कि दिवाली और छठ पर्व के बाद संगठन की बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन का कहना है कि यदि उसकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
इस विरोध मार्च में कमल ठाकुर, नीलम चौबे, मालती सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मोर्चा की ओर से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ-साथ डीसी कार्यालय में भी ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने UGC से संबंधित बिल को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए सरकार से मांगों पर विचार करने की अपील की।
फिलहाल, इस पूरे मामले में मोर्चा की ओर से आगे की रणनीति संगठन की बैठक के बाद तय किए जाने की बात कही गई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार और संबंधित संस्थानों की ओर से इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।









