छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई; भाजपा छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार न बनाए : रंजन यादव

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राँची:- विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर युवा राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड ने चिंता जताई है। संगठन ने कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अनावश्यक या बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग उचित नहीं है। संगठन ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विधानसभा घेराव के दौरान कई पुलिसकर्मियों ने छात्रों को संयमपूर्वक रोकने और उनका सहयोग करने का प्रयास किया।
ऐसे पुलिसकर्मियों के संवेदनशील रवैये की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार भी व्यक्त किया गया है। हालांकि, आंदोलन के दौरान कुछ स्थानों से सामने आई तस्वीरों और वीडियो को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

छात्रों के अनुसार कुछ स्थानों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया तथा कथित रूप से एक्सपायर्ड आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए गए। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

लाठीचार्ज और आंसू गैस के आरोपों की जांच की मांग

युवा राजद की ओर से कहा गया कि छात्रों के अनुसार कुछ जगहों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया गया। इसके अलावा कथित रूप से एक्सपायर्ड आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। शाम के समय विधानसभा की लाइट बंद कर छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने के आरोपों को भी गंभीर बताया गया है।

संगठन का कहना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि आंदोलन के दौरान किसी व्यक्ति ने कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया था तो प्रशासन को ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए थी।

‘छात्र हमारे विरोधी नहीं, झारखंड का भविष्य हैं’

प्रेस विज्ञप्ति में छात्रों को झारखंड का भविष्य बताते हुए कहा गया कि वे अपने हक, अधिकार और रोजगार से जुड़े सवालों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रों को विरोधी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

युवा राजद ने कहा कि शांतिपूर्ण छात्रों के साथ सामूहिक रूप से बल प्रयोग किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। सरकार और प्रशासन को छात्रों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की दिशा में पहल करनी चाहिए।

विपक्ष पर भी उठाए सवाल

युवा राजद ने इस पूरे मामले में विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। बयान में कहा गया कि जनता ने अपने बहुमूल्य मत देकर विपक्षी विधायकों को विधानसभा में भेजा है, ताकि वे सदन के भीतर सरकार से सवाल पूछें और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएं।

संगठन के अनुसार, जब विधानसभा का सत्र चल रहा था और विपक्षी विधायकों को सदन के भीतर सरकार से सवाल पूछने चाहिए थे, उस समय विपक्ष के लोग
मुख्यमंत्री आवास के गेट पर राजनीतिक प्रदर्शन करते नजर आए। इसे विपक्ष की संवैधानिक और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के संदर्भ में दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है।

भाजपा पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार न बनाने की अपील

युवा राष्ट्रीय जनता दल ने भाजपा से अपील की कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को राजनीतिक स्वार्थ और राजनीति चमकाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि छात्रों के भविष्य, रोजगार और अधिकारों से जुड़े सवाल किसी भी राजनीतिक दल की महत्वाकांक्षा का हथियार नहीं बनने चाहिए।

बयान में कहा गया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान राजनीतिक टकराव से नहीं बल्कि संवाद, संवेदनशीलता और ठोस निर्णय के माध्यम से होना
चाहिए। संगठन ने सरकार से भी अपेक्षा जताई कि वह छात्रों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से लेकर समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करे।

‘सरकार के साथ भी, छात्रों के न्यायपूर्ण सवालों पर छात्रों के साथ भी’

युवा राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड ने खुद को झारखंड सरकार का सहयोगी दल बताते हुए कहा कि वह सरकार के साथ खड़ा है, लेकिन छात्रों के न्यायपूर्ण सवालों पर छात्रों के साथ भी खड़ा रहेगा।

संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य सरकार को कमजोर करना नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाना है। इसी क्रम में
मुख्यमंत्री और सक्षम अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

बयान में मांग की गई है कि यदि किसी पुलिसकर्मी अथवा अधिकारी द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए अनावश्यक एवं बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग किया गया है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

संगठन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन लोकतांत्रिक आंदोलन कर रहे शांतिपूर्ण छात्रों के अधिकारों
और उनकी गरिमा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।

‘टकराव नहीं, संवाद से समाधान निकले’

अंत में युवा राजद ने सभी छात्र-छात्राओं से सरकार के साथ वार्ता के लिए आगे आने की अपील की। संगठन ने कहा कि संवाद के माध्यम से बीच का रास्ता निकालना ही लोकतंत्र की ताकत है।

संगठन के अनुसार कोशिश यह होनी चाहिए कि जो दोषी हैं उन्हें सजा मिले और जो निर्दोष छात्र हैं, उन्हें उनका हक और न्याय मिले। छात्रों का भविष्य किसी राजनीतिक दल की राजनीति का विषय नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की जिम्मेदारी है।

“टकराव नहीं, संवाद से समाधान निकले। छात्रों का भविष्य किसी राजनीतिक दल की राजनीति का विषय नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की जिम्मेदारी है।”

यह बयान युवा राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता क्षितिज मिश्रा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से
सामने आया है।

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Author: Ranchi Club Tv

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