हजारीबाग के बड़का गांव विधानसभा क्षेत्र में चट्टी बरियातू कोल माइन्स कोयला खनन प्रोजेक्ट को लेकर विरोध तेज हो गया है। पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव के नेतृत्व में 18 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी है, वहीं ग्रामीणों ने NTPC के खिलाफ बाइक रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया।
हजारीबाग (बड़का गांव): बड़का गांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चट्टी बरियातू कोल माइन्स कोयला खनन प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना के कारण विस्थापन, रोजगार और मुआवजा जैसे मुद्दों पर उन्हें लंबे समय से न्याय नहीं मिला। इसी के विरोध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है।
धरना 18 सूत्री मांगों को लेकर किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय और लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौजूद रहे।
NTPC के खिलाफ बाइक रैली, विरोध का संदेश साफ
आंदोलन को धार देने के लिए ग्रामीणों ने NTPC के खिलाफ बाइक रैली भी निकाली। रैली चट्टी बरियातू सहित आसपास के क्षेत्रों से होकर गुज़री। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय रोजगार, उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर नारेबाज़ी की। ग्रामीणों ने कहा कि यह रैली शांतिपूर्ण है, लेकिन अधिकारों की लड़ाई में वे पीछे नहीं हटेंगे।
18 सूत्री मांगों में ये मुद्दे प्रमुख
- विस्थापित और प्रभावित परिवारों को स्थायी रोजगार
- भूमि अधिग्रहण का उचित और पारदर्शी मुआवजा
- पुनर्वास नीति का पूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन
- परियोजना क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं
- खनन से होने वाले प्रदूषण/पर्यावरणीय क्षति की भरपाई
- स्थानीय ग्रामसभा/जनसहमति के आधार पर निर्णय प्रक्रिया
योगेंद्र साव का बयान
धरना स्थल पर योगेंद्र साव ने कहा कि परियोजना से जुड़े क्षेत्रों में स्थानीय लोग वर्षों से प्रभावित हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि 18 सूत्री मांगें जनता के हक से जुड़ी हैं और जब तक समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन से वार्ता की मांग
आंदोलनकारियों ने प्रशासन से जल्द बातचीत शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वार्ता नहीं हुई तो आगे आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं क्षेत्र में धरना और रैली को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता भी बढ़ाई गई है।
नोट: यह खबर जनहित और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है।










