राँची:- YBN विश्वविद्यालय में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को “Integrating Artificial Intelligence Across Disciplines: Bridging Science, Healthcare, Technology and Social Science” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का आयोजन 25 एवं 26 सितंबर 2026 को हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं लोक नृत्य की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद वंदे मातरम्, विश्वविद्यालय के कुलगीत, दीप प्रज्वलन, गणेश वंदना एवं स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मनीषा कुमारी दीप ने सम्मेलन की थीम एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद YBN विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सत्यदेव पोद्दार ने स्वागत संबोधन दिया। विश्वविद्यालय के संस्थापक श्री रामजी यादव ने अपने संबोधन में ज्ञान, नवाचार और तकनीकी विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला।
झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री अनिल कुमार चौधरी उपस्थित रहे। उन्होंने सम्मेलन की थीम और वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए।
अपने संबोधन में माननीय न्यायमूर्ति श्री चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज हर क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। विशेषकर फार्मेसी और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसकी उपयोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने AI के ज्ञानपूर्ण और उपयोगी पक्ष के साथ-साथ इससे उत्पन्न होने वाली संभावित कानूनी एवं नैतिक चुनौतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि AI द्वारा दिया गया कोई उत्तर गलत, भ्रामक या गैरकानूनी हो, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—AI डेवलपर की, उपयोगकर्ता की या कंपनी की? उन्होंने इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और स्पष्ट कानूनी प्रावधान बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
न्यायमूर्ति श्री चौधरी ने छात्रों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग जिम्मेदारी, नैतिकता और कानून के दायरे में करने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों ने AI के विभिन्न पहलुओं पर रखे विचार
डॉ. प्रोजित कुमार पालित, हेड, प्रोफेसर एवं निदेशक, Center for Indological Studies ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने सम्मेलन की व्यापक थीम के संदर्भ में विभिन्न विषयों के बीच तकनीकी और शैक्षणिक समन्वय की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर डॉ. बिस्वत्रिश सरकार, डॉ. धीरेन्द्र कुमार पांडेय एवं डॉ. चंचल कुमार मिश्रा सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. दीप्ति भार्गव की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
सम्मेलन के Convenor डॉ. आशीष सरकार ने आयोजन की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सपना कसेरी ने किया।
तीन समानांतर सत्रों में हुआ विषयवार मंथन
दोपहर बाद सम्मेलन में तीन समानांतर सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अलग-अलग विषयों के बीच संबंध तथा इसके व्यावहारिक उपयोग से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श किया।
सामाजिक विज्ञान सत्र में शिक्षा, नीति एवं समाज, समावेशी विकास तथा समकालीन सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। सत्र के दौरान तकनीकी बदलावों के सामाजिक प्रभाव और विभिन्न क्षेत्रों में AI की भूमिका से जुड़े पहलुओं पर विचार साझा किए गए।
हेल्थकेयर एवं फार्मेसी सत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी प्रगति, अनुसंधान, नवाचार एवं अंतर्विषयक सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों की संभावनाओं और शोध से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
वहीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल परिवर्तन, उभरती तकनीकों, अनुसंधान एवं सतत विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
AI को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ना सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य
सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता को विज्ञान, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ते हुए अनुसंधान, नवाचार और इसके व्यावहारिक उपयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना है।
सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नए विचारों, अनुसंधान और अंतर्विषयक सहयोग पर चर्चा की जा रही है।
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन 26 सितंबर 2026 को आयोजित होगा। सम्मेलन के दूसरे दिन भी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ सत्र, प्रस्तुतियां और विचार-विमर्श जारी रहेगा।









