राँची:- राँची में करमा पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है। झारखंड की संस्कृति, प्रकृति और भाई-बहन के प्रेम से जुड़ा यह पारंपरिक पर्व शहर के अलग-अलग इलाकों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 24 में भी करमा पूजा को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। पूजा स्थल और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई से लेकर पानी, रोशनी और डस्टबिन तक की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया है, ताकि पर्व के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आदिवासी और सदान समाज मिलकर मनाते हैं करमा पर्व
विजय कच्छप ने कहा कि करमा पर्व किसी एक समाज या समुदाय तक सीमित नहीं है। आदिवासी समाज के साथ-साथ सदान समाज के लोग भी इस पर्व को मिल-जुलकर मनाते हैं। यही इस पर्व की सबसे बड़ी खूबसूरती है। पूजा, पारंपरिक गीत और नृत्य के माध्यम से लोग अपनी संस्कृति से जुड़ते हैं और एक-दूसरे के साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं। करमा पर्व झारखंड की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विविधता की भी पहचान बन चुका है।
वार्ड 24 में तीन जगहों पर करमा पूजा की तैयारी
पार्षद विजय कच्छप ने बताया कि वार्ड 24 में करीब तीन अलग-अलग स्थानों पर करमा पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी स्थानों पर लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं कराने का प्रयास किया गया है। पूजा स्थलों और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई कराई गई है। जहां बारिश के कारण कीचड़ की समस्या थी, वहां भी लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्था कराई गई है।
इसके अलावा जगह-जगह डस्टबिन की व्यवस्था की गई है, ताकि पूजा और उत्सव के दौरान निकलने वाले कचरे को खुले में न फेंका जाए। पर्व के दौरान साफ-सफाई बनी रहे और लोगों को बेहतर माहौल मिले, इस पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
सड़क और लाइट को लेकर भी नगर निगम की तैयारी
करमा पर्व को लेकर रांची नगर निगम की ओर से भी अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। विजय कच्छप ने बताया कि पर्व से पहले नगर निगम में इसको लेकर बैठक भी हुई थी। इसके बाद सफाई, लाइट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर काम किया गया। पूजा स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए सड़क और रोशनी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि करमा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में साफ-सफाई और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं। नगर निगम की ओर से इस दिशा में सहयोग मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
पानी की समस्या के बीच टैंकर से मिली मदद
वार्ड में पानी की व्यवस्था को लेकर भी विजय कच्छप ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वार्ड में पाइपलाइन फट जाने के कारण कुछ समय के लिए पानी की समस्या सामने आई थी। ऐसी स्थिति में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए टैंकर की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने बताया कि अब पाइपलाइन की समस्या दूर होने के बाद पानी की आपूर्ति दोबारा शुरू हो गई है।
करम डाली के विसर्जन के बाद भी रहेगा उत्सव का माहौल
करमा पर्व के कार्यक्रम को लेकर विजय कच्छप ने बताया कि पूजा के बाद अगले दिन करम डाली का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद भी कुछ समय तक क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहेगा। पारंपरिक गीत, नृत्य और आपसी मेल-जोल के साथ लोग करमा पर्व की खुशियां साझा करेंगे।
पार्षद विजय कच्छप की लोगों से खास अपील
करमा पर्व के मौके पर वार्डवासियों से खास अपील करते हुए विजय कच्छप ने कहा कि सभी लोग पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं। उन्होंने लोगों से शराब का सेवन कर गाली-गलौज या किसी तरह का विवाद नहीं करने की अपील की। उनका कहना है कि पर्व की खुशी ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति को परेशानी न हो और पूरे क्षेत्र में भाईचारे का माहौल बना रहे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि करमा पर्व की परंपरा और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए परिवार और समाज के साथ मिलकर उत्सव मनाएं। पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लें, लेकिन किसी भी तरह का विवाद या अशांति पैदा न करें।
संस्कृति, प्रकृति और भाईचारे का संदेश देता है करमा पर्व
करमा पर्व सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। प्रकृति के प्रति सम्मान, भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश इस पर्व की खास पहचान है। वार्ड 24 में भी इसी भावना के साथ करमा पूजा की तैयारियां की गई हैं। स्थानीय स्तर पर की जा रही व्यवस्थाओं के बीच लोगों में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
रांची नगर निगम के वार्ड 24 के पार्षद विजय कच्छप ने लोगों से अपील की है कि करमा पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन शांति और सामाजिक सौहार्द को सबसे ऊपर रखें। पर्व की खुशी तभी पूरी होगी, जब पूरा समाज मिलकर सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में इसे मनाए।









