राँची: कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा कल्याण विभाग के सहयोग से ‘मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण’ विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सीसीएल मुख्यालय के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन के प्रति जागरूक करना और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
सीसीएल अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के महाप्रबंधक (मानव संसाधन विकास) श्री एम.एफ. हक एवं महाप्रबंधक (कल्याण) श्री एस.के. ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कर्मचारियों के कल्याण और स्वस्थ कार्य वातावरण से जुड़े विषयों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।
CIP रांची की विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (CIP), रांची की अतिथि विशेषज्ञ सुश्री रश्मि बिरुवा एवं सुश्री कल्पना टोप्पो ने प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की और प्रतिभागियों के सवालों पर भी चर्चा की।
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों एवं सीसीएल मुख्यालय से आए एसओ (एचआर) सहित कुल 57 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण स्वरूप दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को विषय से जुड़े अनुभव साझा करने और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।
तनाव प्रबंधन और Work-Life Balance पर चर्चा
कार्यशाला के दौरान मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने भी इन विषयों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखी और विशेषज्ञों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य और कार्यक्षमता का महत्वपूर्ण आधार है। कार्यस्थल पर तनाव को समय रहते पहचानना, उसका प्रभावी तरीके से प्रबंधन करना तथा व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना कर्मचारियों के कल्याण के लिए आवश्यक है।
खनन उद्योग में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का विशेष महत्व
खनन उद्योग की कार्यप्रकृति को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का विशेष महत्व है। खनन क्षेत्र में कार्य अक्सर चुनौतीपूर्ण एवं लक्ष्य-उन्मुख वातावरण में किया जाता है, जहां कर्मचारियों को विभिन्न परिस्थितियों में उच्च स्तर की जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है।
ऐसे कार्य वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक कार्य वातावरण कर्मचारियों के व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को इन्हीं पहलुओं को समझने और व्यवहारिक स्तर पर अपनाने के लिए उपयोगी जानकारी दी गई।
संवादात्मक और ज्ञानवर्धक रही कार्यशाला
कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए संवादात्मक, ज्ञानवर्धक एवं विचारोत्तेजक रही। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने, तनाव से प्रभावी ढंग से निपटने और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने के लिए व्यावहारिक जानकारी एवं उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए।
सीसीएल की ओर से कर्मचारियों के समग्र कल्याण, स्वस्थ कार्य वातावरण और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। कंपनी की ओर से इस दिशा में जागरूकता एवं क्षमता-विकास से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस कार्यशाला को कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण जागरूकता पहल के रूप में देखा जा रहा है।









