राँची:- फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के वर्तमान सत्र की कार्यकारिणी समिति की बारहवीं बैठक बुधवार को चैंबर भवन में अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में झारखण्ड के व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में झारखण्ड में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहनात्मक इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने मेघालय सरकार की तर्ज पर झारखण्ड में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाली नीति बनाने की जरूरत बताई। चैम्बर अध्यक्ष ने राज्य सरकार से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया।
अपर बाजार क्षेत्र में नगर निगम की कार्रवाई का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। कार्यकारिणी समिति ने रांची नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसका व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की। बैठक में इस मुद्दे पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के व्यापारियों को एकजुट करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। चैम्बर अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम की किसी गलत नीति अथवा अनुचित कार्रवाई का व्यापारी एकजुट होकर विरोध करेंगे।
सदस्यों ने बाजार क्षेत्र की दुकानों को माननीय न्यायालय से राहत दिलाने में सहयोग के लिए अधिवक्ता देवेश अजमानी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
बैठक में रामगढ़ जिले में CSR से जुड़ा मुद्दा भी सामने आया। सदस्यों को बताया गया कि रामगढ़ उपायुक्त द्वारा जिले के छोटे-बड़े उद्यमियों पर CSR राशि खर्च करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और इसके लिए पिछले तीन वर्षों की बैलेंस शीट मांगी जा रही है। उद्यमियों की समस्या को देखते हुए चैम्बर अध्यक्ष ने इस मामले में वित्त मंत्री से वार्ता करने की बात कही। साथ ही राज्य सरकार द्वारा गठित राज्यस्तरीय एवं जिलास्तरीय CSR कमिटियों की समीक्षा कराने की पहल पर भी सहमति बनी।
नार्थ छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार ने गुमला एवं लोहरदगा में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से प्रयास किए जाने के बावजूद इन घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने व्यापारिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया एवं राम बांगड़ ने संयुक्त रूप से चैम्बर की विभिन्न उप समितियों की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान बताया गया कि वर्तमान सत्र में अब तक उप समितियों की कुल 216 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने 15 अगस्त के बाद चैंबर भवन में आयोजित होने वाली डिजिटल मार्केटिंग कार्यशाला में अधिक से अधिक व्यापारियों से शामिल होकर इसका लाभ उठाने की अपील की।
बैठक में रेरा द्वारा डेवलपर्स को भेजी जा रही नोटिस का विषय भी उठाया गया। सदस्यों ने पांच वर्ष पूर्व निर्मित भवनों के सीटीओ/सीटीई लेने के संबंध में रेरा की ओर से भेजी जा रही नोटिसों पर चिंता जताई और इस मामले में आवश्यक पहल की आवश्यकता बताई।
सह सचिव नवजोत अलंग एवं सह सचिव रोहित पोद्दार ने संयुक्त रूप से चैम्बर की सदस्यता के लिए प्राप्त नए आवेदनों को कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने विचार-विमर्श के बाद इन आवेदनों को अनुमोदित कर दिया।
महासचिव रोहित अग्रवाल ने बताया कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, ईस्टर्न जोनल यूनिट द्वारा कोलकाता में आयोजित संवाद-3.0 कार्यक्रम में झारखण्ड चैम्बर की ओर से सहभागिता की जाएगी। इस दौरान व्यापार एवं उद्योग से जुड़े सुझाव और समस्याएं संबंधित मंच पर रखी जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि फिक्की की कार्यसमिति में झारखण्ड चैम्बर के सदस्य को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए प्रयास जारी हैं। बैठक के दौरान धनबाद में आयोजित सीनियर ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल प्राप्त करने पर चैम्बर की सदस्य सखी बांगड़ को कार्यकारिणी समिति की ओर से सम्मानित किया गया और उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी गई।
बैठक में चैम्बर के नाम और लोगो के अनधिकृत इस्तेमाल का मामला भी सामने आया। कुछ सदस्यों द्वारा चैम्बर के नाम एवं लोगो का उपयोग करते हुए व्हाट्सऐप ग्रुप संचालित करने तथा सोशल मीडिया पेज बनाकर गतिविधियां संचालित करने पर कार्यकारिणी समिति ने कड़ी आपत्ति जताई।
कार्यकारिणी समिति ने ऐसे अनधिकृत उपयोग को गंभीरता से लेते हुए इसे तत्काल रोकने तथा भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देने के लिए सख्त निर्णय लेने पर सहमति व्यक्त की। समिति ने स्पष्ट किया कि संगठन के नाम और लोगो का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा, रमेश कुमार, विनय अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा, अनीश बुधिया, डॉ. अभिषेक रामाधीन, ज्योति कुमारी, मनीष सराफ, मुकेश अग्रवाल, शैलेश अग्रवाल, तुलसी पटेल, विकास मोदी, पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेड़ी, पवन शर्मा, किशोर मंत्री सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
इसके अलावा उप समिति चेयरमैन देवेश अजमानी, प्रमोद सारस्वत, सुबोध चौधरी, तेजविंदर सिंह, जसविंदर सिंह, मुकेश पांडेय, अलोक सिंह, साहित्य पवन, शैलेन्द्र सुमन, शशांक भारद्वाज, श्रीकृष्ण अग्रवाल, किशन अग्रवाल, श्रवण राजगढ़िया, डॉ. अनल सिन्हा, महेंद्र जैन, सदस्य अरुण जोशी, अमित मिश्रा तथा तेलों चैम्बर और सिमडेगा चैम्बर के पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के माध्यम से झारखण्ड के व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों को सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी तरीके से रखने तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे भी लगातार पहल करने की बात कही गई।









