मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में तेजी लाने की कवायद
राँची:- झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR) की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए राज्य में 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय की ओर से 12 अगस्त 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 107/2026 में इसकी जानकारी दी गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के दौरान दावा एवं आपत्ति चरण में प्राप्त मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इन प्रस्तावों को भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के लिए भेजा गया था, जिसे आयोग ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक होगा मामलों का निस्तारण
निर्वाचन विभाग के अनुसार नोटिस, सुनवाई तथा दावा एवं आपत्ति से संबंधित मामलों के निस्तारण की अवधि 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मामलों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति का उद्देश्य प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ मतदाताओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार इन अधिकारियों के माध्यम से दावा एवं आपत्ति अवधि में प्राप्त आवेदनों, नो-मैप मतदाताओं, तार्किक विसंगतियों तथा मतदाता सूची से संबंधित अन्य मामलों में नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और दस्तावेजों का सत्यापन करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया जाएगा। इससे मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
24 अगस्त से शुरू होगी सुनवाई
मतदाता सूची में मौजूद विसंगतियों, नो-मैप तथा अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए 24 अगस्त 2026 से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की ओर से संबंधित मतदाताओं को आवश्यक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाएगा।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी। इन अधिकारियों की भूमिका केवल दावा एवं आपत्ति के मामलों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि SIR की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण होगी।
एक परिवार के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र पर रखने पर जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि एक परिवार के मतदाताओं को एक साथ एक ही मतदान केंद्र पर रखा जा सके। इसके साथ ही ‘घर-घर होम टू रोल’ की प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और किसी भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और तार्किक विसंगतियों के समाधान की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है।
मतदाताओं के लिए क्या होगा फायदा?
311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति से मतदाता सूची से संबंधित मामलों की सुनवाई और निस्तारण के लिए प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी। विशेष रूप से नो-मैप, गलत मैपिंग, तार्किक विसंगति, नाम से संबंधित त्रुटि अथवा अन्य आपत्तियों के मामलों में कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है।
निर्वाचन विभाग ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के दौरान मतदाताओं के दावों और आपत्तियों के निस्तारण के साथ मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।









