राँची:- दाँत में दर्द, मसूड़ों से खून आना या मुँह से बदबू जैसी समस्याओं को अगर आप छोटी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर रहे हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। समय रहते उठाया गया एक छोटा कदम आपके दाँतों को बचा सकता है और भविष्य में होने वाले महंगे इलाज से भी राहत दिला सकता है।
रांची के प्रसिद्ध डेंटल विशेषज्ञ डॉ. कुनाल बंका ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि दाँत में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना सही नहीं है। ऐसा करने से संक्रमण अंदर ही अंदर बढ़ सकता है और बाद में इलाज पहले से अधिक कठिन हो सकता है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती अवस्था में दाँत की समस्या केवल फिलिंग या प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग से ठीक हो सकती है। लेकिन यदि मरीज इलाज में देरी करता है, तो रूट कैनाल (RCT) या कई मामलों में दाँत निकालने की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
डॉ. बंका ने सलाह दी कि प्रत्येक व्यक्ति को हर छह महीने में कम से कम एक बार प्रोफेशनल डेंटल क्लीनिंग जरूर करानी चाहिए। इससे दाँतों पर जमा गंदगी हटती है और मसूड़े लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।
ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सामान्य स्थिति नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण दाँतों पर जमी गंदगी और बैक्टीरिया हो सकते हैं। ऐसे में ब्रश करना बंद करने के बजाय तुरंत डेंटिस्ट से जांच करानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि मसूड़ों से खून आना, मुँह से बदबू आना, मसूड़ों का सिकुड़ना और दाँतों का हिलना पायरिया के प्रमुख संकेत हो सकते हैं। शुरुआती जांच और सही उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर आधुनिक तकनीकों जैसे फ्लैप सर्जरी, बोन ग्राफ्ट और लेजर उपचार का भी सहारा लिया जाता है।
डॉ. बंका ने यह भी बताया कि जिन लोगों के दाँत टूट चुके हैं या नहीं हैं, उनके लिए डेंटल इम्प्लांट एक मजबूत और स्थायी विकल्प है। वहीं डेंचर का विकल्प भी उपलब्ध है, लेकिन इम्प्लांट प्राकृतिक दाँतों जैसा अनुभव देता है और सामान्य रूप से भोजन करने में मदद करता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि दाँतों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच, नियमित सफाई और सही इलाज से न केवल दाँत सुरक्षित रहेंगे, बल्कि महंगे और जटिल उपचार की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
स्वस्थ मुस्कान केवल सुंदरता की पहचान नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य की भी पहचान है। इसलिए नियमित डेंटल चेकअप को अपनी आदत बनाइए और दाँतों की देखभाल को प्राथमिकता दीजिए।









