राँची:- UGC से जुड़े मुद्दों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर रांची में 8 अक्टूबर को बड़ा मार्च आयोजित करने की तैयारी है। अखिल भारतीय स्वर्ण मोर्चा ने दावा किया है कि कार्यक्रम की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और संगठन के कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से संपर्क कर चुके हैं। संगठन का कहना है कि युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों तक पहुंचकर कार्यक्रम में भागीदारी के लिए समर्थन जुटाया गया है।
राजेश सिंह ने बताई बड़ी रणनीति
अखिल भारतीय स्वर्ण मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह ने कार्यक्रम को लेकर कहा कि संगठन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अब बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक राज्य के अलग-अलग जिलों से लोगों के रांची पहुंचने की उम्मीद है और संगठन करीब एक हजार से डेढ़ हजार लोगों की भागीदारी का प्रयास कर रहा है।
राजेश सिंह ने कहा कि पुरुषों के साथ महिलाओं की भी कार्यक्रम में भागीदारी होगी, क्योंकि संगठन के अनुसार यह मुद्दा समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़ा है। उन्होंने कार्यक्रम को राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं बताते हुए इसे स्वर्ण समाज से जुड़ा कार्यक्रम बताया। उनके मुताबिक मार्च के जरिए सरकार तक अपनी बात और मांगों का संदेश पहुंचाने की कोशिश होगी।
धर्मेंद्र कुमार बोले—गरीब वर्ग को भी मिले आरक्षण का लाभ
कार्यक्रम को लेकर धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि संगठन किसी दूसरे समाज या वर्ग के विरोध में कार्यक्रम नहीं कर रहा है। उनके मुताबिक स्वर्ण समाज में भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार हैं और ऐसे लोगों के लिए अवसर और आरक्षण की मांग उठाई जा रही है।
धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि संगठन की मांग है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने UGC से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि संगठन इस मुद्दे पर अपनी बात राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाना चाहता है। उनका कहना था कि यदि मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आगे आंदोलन को और जोरदार करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
संजय कुमार बोले—यह सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं
संजय कुमार ने कहा कि संगठन लंबे समय से इस मुद्दे पर काम कर रहा है और 8 अक्टूबर का कार्यक्रम अचानक लिया गया फैसला नहीं है। उनके मुताबिक प्रदेश स्तर पर पहले से ही लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया गया है और घर-घर जाकर लोगों की राय लेने की कोशिश की गई है।
संजय कुमार ने कहा कि UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर संगठन अपनी चिंताएं सरकार तक पहुंचाना चाहता है। उनके अनुसार यदि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी व्यवस्था लागू होती है जिससे समाज में जातिगत विभाजन को बढ़ावा मिलने की आशंका हो, तो आने वाली पीढ़ी पर उसके प्रभाव को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि 8 अक्टूबर को राजभवन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा और यह आंदोलन केवल एक दिन तक सीमित नहीं है।
विकास ने बताई दो महीने की तैयारी
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर विकास ने कहा कि संगठन करीब दो महीने से इस अभियान को लेकर काम कर रहा है। उनके मुताबिक UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर विभिन्न स्थानों पर लोगों से संपर्क किया गया है और 8 अक्टूबर को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है।
विकास ने बताया कि बापू वाटिका में महात्मा गांधी को माल्यार्पण करने के बाद लोग पैदल मार्च करते हुए लोक भवन पहुंचेंगे। वहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर संगठन की मांगों और विचारों को सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोग भी इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं और प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जुटान की तैयारी है।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी का दावा
मार्च को लेकर संगठन के नेताओं ने युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी बात रखी है। नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम के लिए अलग-अलग वर्गों के लोगों से संपर्क किया गया है और उन्हें अपनी मांगों को लेकर आयोजित मार्च में शामिल होने के लिए कहा गया है। संगठन ने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है।
UGC और आरक्षण पर केंद्रित रहेंगी मांगें
संगठन के नेताओं के बयानों के मुताबिक 8 अक्टूबर के मार्च में UGC से जुड़े मुद्दे, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण और स्वर्ण समाज से जुड़ी अन्य मांगें प्रमुख रहेंगी। संगठन का कहना है कि वह अपनी मांगों को ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल और प्रशासन तक पहुंचाना चाहता है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि UGC से जुड़े प्रस्तावों, आरक्षण व्यवस्था और अन्य नीतिगत मुद्दों पर संगठन द्वारा रखी गई आपत्तियां और मांगें संगठन का पक्ष हैं। कार्यक्रम के जरिए इन्हीं मांगों को सरकार और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
8 अक्टूबर के बाद आंदोलन बढ़ाने का संकेत
अखिल भारतीय स्वर्ण मोर्चा के नेताओं ने संकेत दिया है कि 8 अक्टूबर का कार्यक्रम अंतिम पड़ाव नहीं है। उनके मुताबिक यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। दुर्गा पूजा के बाद झारखंड के अलग-अलग जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित करने की बात भी संगठन की ओर से कही गई है।
अब 8 अक्टूबर पर सबकी नजर
बापू वाटिका से शुरू होने वाली पदयात्रा और लोक भवन में प्रस्तावित ज्ञापन कार्यक्रम को लेकर अब 8 अक्टूबर का इंतजार है। संगठन ने बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया है। ऐसे में कार्यक्रम के दिन वास्तविक भागीदारी, पदयात्रा का स्वरूप, ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया और सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
Ranchi Club TV — आपकी आवाज, हमारी जिम्मेदारी।
चारों वक्ताओं की मुख्य बातें एक नजर में
- राजेश सिंह: मार्च की तैयारियों, बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी और संगठन की अगली रणनीति पर बात रखी।
- धर्मेंद्र कुमार: आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण और UGC से जुड़े मुद्दे पर संगठन की मांग सामने रखी।
- संजय कुमार: लंबे समय से चल रही तैयारी, घर-घर संपर्क और 8 अक्टूबर को सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की रणनीति बताई।
- विकास कुमार: करीब दो महीने की तैयारी, बापू वाटिका से पदयात्रा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की योजना के बारे में जानकारी दी।









