राँची:- राजधानी रांची के काटा टोली इलाके में माँ दुर्गा की विदाई के दौरान भक्तों के बीच भावुक माहौल देखने को मिला। खादगढ़ चौक के पास पेट्रोल पंप और बस स्टैंड के बगल में आयोजित नेताजी नगर पूजा समिति की दुर्गा पूजा के नौ दिनों तक श्रद्धालुओं ने एक परिवार की तरह मिलकर पूजा और उत्सव में हिस्सा लिया। अब विसर्जन के समय माँ को विदा करते हुए भक्तों के मन में उदासी के साथ अगले साल फिर माँ के आगमन की उम्मीद भी दिखाई दी।
अगले साल सामूहिक आयोजन को बेहतर बनाने की तैयारी
अध्यक्ष अमित कुमार दास ने बताया कि इस बार पूजा के आयोजन में कोई बड़ी कमी या गड़बड़ी नहीं रही। हालांकि, समिति अगले साल आयोजन को और सुंदर तथा व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि जगह की कमी के कारण सभी लोगों को एक साथ बैठने का अवसर नहीं मिल पाता है। ऐसे में अगले वर्ष सामूहिक रूप से सभी को एक साथ बैठाने और पूजा का आनंद लेने की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों का मिला सहयोग
पूजा और विसर्जन के दौरान पुलिस प्रशासन के सहयोग को लेकर अध्यक्ष ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन सुबह से लेकर देर रात तक समिति के साथ खड़ा रहा। वहीं, स्वयंसेवकों ने भी पूरे आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। अध्यक्ष के अनुसार, स्वयंसेवक जरूरत पड़ने पर हर समय सहयोग के लिए तैयार रहे।
इस बार विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या भी समिति की उम्मीद से अधिक रही। बड़ी संख्या में लोग माँ को विदाई देने के लिए जुटे। समिति ने आयोजन में सहयोग करने वाले पुलिस प्रशासन, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
काटा टोली चौक से चट्टी तालाब तक निकला विसर्जन जुलूस
समिति के अध्यक्ष अमित कुमार दास के अनुसार, विसर्जन जुलूस काटा टोली चौक से शुरू होकर कंगना टोली होते हुए लालपुर चौक पहुँचा। इसके बाद जुलूस अल्पना की ओर से फिरायालाल चौक तक गया और वहाँ से एक चक्कर लगाकर चट्टी तालाब की ओर रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि विसर्जन की यह परंपरागत यात्रा हर साल इसी मार्ग से होती है और इसमें लगभग तीन से साढ़े तीन घंटे का समय लगता है।
नौ दिनों तक पूजा, भक्ति और उत्साह के साथ साथ रहे श्रद्धालुओं के लिए माँ की विदाई भावुक पल रहा। विसर्जन के साथ इस वर्ष का दुर्गा पूजा उत्सव संपन्न हुआ। भक्तों ने माँ से सभी के सुख, शांति और खुशहाली की कामना की और अगले वर्ष फिर इसी उत्साह के साथ माँ का स्वागत करने की उम्मीद जताई।









