राँची:- रांची के लोअर चुटिया में दुर्गा पूजा की परंपरा इस बार भी श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक संदेशों के साथ आगे बढ़ रही है। चुटिया नव युवक संघ दुर्गा पूजा समिति की ओर से महादेव मंडा में आयोजित पूजा में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। समिति के अनुसार, इस पूजा की परंपरा 113 साल पुरानी है और समय के साथ पूजा का आयोजन अलग-अलग स्थानों से होते हुए वर्तमान मैदान तक पहुंचा है। इस बार पंडाल की सजावट में पारंपरिक परिवेश को दर्शाने की कोशिश की गई है, जिसमें पुराने जमाने की सवारी और देवी-देवताओं से जुड़ी आकृतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हैं।
पालकी, कहार, घोड़े और हाथी की झलक बनी आकर्षण
इस बार पंडाल में पुराने समय के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश को दिखाने का प्रयास किया गया है। देवी-देवताओं की तस्वीरों के साथ पालकी, कहार, घोड़े और हाथी जैसी पारंपरिक सवारी की आकृतियां तैयार की गई हैं। समिति ने इन आकृतियों को सेल्फी पॉइंट के रूप में भी विकसित किया है, ताकि श्रद्धालु पूजा की यादों को तस्वीरों के माध्यम से संजो सकें। इसके अलावा बैलगाड़ी और पुराने जमाने में इस्तेमाल होने वाली सवारी के प्रतीक भी सजावट का हिस्सा हैं। समिति का कहना है कि पंडाल के माध्यम से लोगों को पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की कोशिश की गई है।
पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए महाभोग और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई है। समिति के अध्यक्ष के मुताबिक, सप्तमी के दिन महाभोग का वितरण किया गया, जबकि पूजा-अर्चना के बाद खीर और फल प्रसाद के रूप में बांटने की व्यवस्था रखी गई। उन्होंने बताया कि खीर तैयार करने के लिए करीब 400 लीटर दूध का इस्तेमाल किया गया है और प्रसाद स्थानीय लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। पूजा के दौरान स्थानीय छोटे कलाकारों को भी मंच देने की योजना बनाई गई है, ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।
नवमी पर 108 कुमारी कन्याओं और 51 मेधावी छात्राओं का होगा सम्मान
इस दुर्गा पूजा का एक प्रमुख आकर्षण बेटियों की शिक्षा और सम्मान को समर्पित कार्यक्रम है। समिति की ओर से नवमी के अवसर पर ‘हमारी बेटियां, हमारा घर-वार, बेटियों का होगा सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की गई है। इस कार्यक्रम के तहत 108 कुमारी कन्याओं को निःशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की जाएगी। इसके साथ ही चुटिया क्षेत्र की 51 मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने की योजना है। छात्राओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर उनकी उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा।
समिति का कहना है कि पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को शिक्षा, संस्कार और बेटियों के सम्मान का संदेश देने का अवसर भी है। इस कार्यक्रम में रांची के स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य साहू, रांची के विधायक सीपी सिंह, महापौर, उप महापौर और स्थानीय पार्षदों को आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति की पुष्टि आयोजन के दौरान ही होगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर समिति की अपील
पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए समिति ने बच्चों और परिवारों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। अध्यक्ष राजकुमार महतो ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की जेब में मोबाइल नंबर और घर का पता लिखकर रखें, ताकि भीड़ में बच्चा अपने परिवार से अलग हो जाने पर उसे वापस पहुंचाने में मदद मिल सके। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने आभूषणों और निजी सामानों का ध्यान रखने की भी अपील की।
समिति ने पानी के सीमित स्रोतों को देखते हुए लोगों से जल का इस्तेमाल सोच-समझकर करने का संदेश भी दिया है। अध्यक्ष के अनुसार, रांची में पानी की उपलब्धता को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधा देने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देना भी समिति का उद्देश्य है।
महिला सुरक्षाकर्मियों की कमी पर समिति ने जताई चिंता
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समिति के अध्यक्ष ने प्रशासन से महिला सुरक्षाकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि पहले पूजा स्थल पर आठ महिला सुरक्षाकर्मी तैनात रहती थीं, लेकिन इस बार उनकी संख्या कम है। अध्यक्ष के मुताबिक, पूजा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से महिला सुरक्षाकर्मियों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थाना प्रभारी से कम से कम चार महिला सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया था।
समिति के अनुसार, प्रशासन की ओर से पूजा स्थल के सामने सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त समिति ने आसपास के रास्तों और पंडाल क्षेत्र में भी कैमरे लगाए हैं, ताकि भीड़ पर नजर रखने और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सके। महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को लेकर समिति की मांग पर प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की गई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
पूजा आयोजन पर करीब 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान
समिति के अध्यक्ष राजकुमार महतो ने बताया कि पूजा पंडाल, सजावट, प्रसाद वितरण और विभिन्न कार्यक्रमों पर अब तक करीब 18 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पूजा के आगामी कार्यक्रमों और समापन तक खर्च में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। समिति का अनुमान है कि इस बार कुल खर्च लगभग 20 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। पूजा के दौरान पारंपरिक धार्मिक आयोजन, सामाजिक कार्यक्रम और श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।
113 साल पुरानी इस पूजा परंपरा में इस बार भी मां दुर्गा के दर्शन के साथ सामाजिक संदेशों को प्रमुखता दी जा रही है। पंडाल की पारंपरिक सजावट, प्रसाद वितरण, बेटियों की शिक्षा और मेधावी छात्राओं का सम्मान इस आयोजन को खास बना रहे हैं। समिति की अपील है कि श्रद्धालु पूजा में शामिल होकर मां का आशीर्वाद लें, बच्चों का ध्यान रखें और उत्सव को सुरक्षित तथा जिम्मेदार तरीके से मनाएं।









