गोबर से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की नई पहल, NABARD GM ने की सराहना

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कोडरमा/रांची:- गाय के गोबर को अब केवल पारंपरिक उपयोग तक सीमित रखने के बजाय रोजगार, आजीविका और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनाने की दिशा में झारखंड में एक अनूठी पहल की जा रही है। कोडरमा जिले में कार्यरत राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान पिछले कई वर्षों से गाय के गोबर से उपयोगी और आकर्षक उत्पाद तैयार करने के क्षेत्र में काम कर रहा है। संस्थान की इस पहल का अवलोकन करने पहुंचीं NABARD झारखंड की जनरल मैनेजर (GM) दीप माला घोष ने उत्पादों की सराहना की और इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

गोबर से तैयार हो रहे हैं कई उपयोगी उत्पाद

राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान एक स्वयंसेवी संस्था है, जिसके प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को ध्यान में रखते हुए संस्थान लगभग छह वर्षों से गाय के गोबर से विभिन्न उपयोगी सामग्री तैयार करने को लेकर अध्ययन और प्रयोग कर रहा है। वहीं, पिछले तीन वर्षों से इन उत्पादों का उत्पादन भी शुरू किया गया है।

संस्थान की ओर से गाय के गोबर से धूप, दीपक, समिधा, ॐ, स्वास्तिक, श्री, छोटे गणेश, लक्ष्मी-गणेश, जोहार, राम-राम, शुभ-लाभ, महापुरुषों की प्रतिमाएं और वर्मी कंपोस्ट जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों के माध्यम से संस्थान गाय के गोबर की उपयोगिता और आर्थिक मूल्य को आम लोगों के सामने स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।

ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर

संस्थान के सचिव मनोज दांगी ने बताया कि तैयार उत्पादों को आकर्षक स्वरूप देने के साथ-साथ उनके बाजार विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। इन उत्पादों को रांची में आयोजित जेसोवा दीपावली मेला में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है, जहां लोगों की ओर से इन्हें अच्छी प्रतिक्रिया और मांग मिल रही है।

उन्होंने कहा कि यदि इन उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और विशेषताओं को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाए, तो यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए बेहतर और स्थायी आय का माध्यम बन सकती है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण और गौवंश संवर्धन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

NABARD GM दीप माला घोष ने की पहल की सराहना

गोबर से तैयार उत्पादों की उपयोगिता और संभावनाओं को समझने के उद्देश्य से NABARD झारखंड की GM दीप माला घोष ने संस्थान द्वारा तैयार विभिन्न सामग्रियों का अवलोकन किया। इस दौरान संस्थान के सचिव मनोज दांगी ने उन्हें उत्पादों के निर्माण, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया।

दीप माला घोष ने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे एक अच्छा प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल को बढ़ावा देने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने भविष्य में इस दिशा में सहयोग करने की बात भी कही।

एक पहल से आजीविका, पर्यावरण और गौवंश संवर्धन को बढ़ावा

इस अवसर पर NABARD के AGM निखिल सर और हर्शल सर के साथ संस्थान की कार्यकर्ता जोसफिन एक्का, संगीता कुमारी, गायत्री कुमारी, सुजीत कुमार, गुड़िया कुमारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

संस्थान का मानना है कि गाय के गोबर से उपयोगी और पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, बाजार उपलब्धता और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान की यह पहल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के जरिए ग्रामीण महिलाओं की आजीविका मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

Ranchi Club Tv
Author: Ranchi Club Tv

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