सरायकेला-खरसावां:- झारखंड के प्रसिद्ध चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने परिजनों के साथ चांडिल डैम का भ्रमण कर इसकी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया और पर्यटन विकास को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
चांडिल डैम के विकास को लेकर मुख्यमंत्री की पहल
मुख्यमंत्री ने 3 नवंबर 2026 को सरायकेला-खरसावां स्थित चांडिल डैम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जिले के उपायुक्त के साथ पर्यटन विकास, जल प्रबंधन और चांडिल परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इको टूरिज्म और बोटिंग को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने पर्यटकों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और आधुनिक नौकायन व्यवस्था को बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चांडिल डैम में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया गया। इससे क्षेत्र में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ तैयार होगा विकास का ब्लूप्रिंट
मुख्यमंत्री ने डैम और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पर्यावरण अनुकूल दीर्घकालिक ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हो सके।
भ्रमण के दौरान ये रहे मौजूद
इस अवसर पर कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की यह पहल झारखंड के पर्यटन को नई पहचान दिलाने के साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि इन निर्देशों के बाद विकास की योजनाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं।








