राँची:- झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन के दौरान AISA की राष्ट्रीय नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक अमरनाथ पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अमरनाथ पांडेय को जमानत प्रदान कर दी।
इस फैसले के बाद कुछ दिनों से चर्चा में रहे स्याहीकांड मामले में एक बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है।
गिरफ्तारी के बाद अमरनाथ पांडेय की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने का फैसला किया।
क्या है पूरा स्याहीकांड?
दरअसल, रांची में झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान छात्र संगठनों का प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान AISA की राष्ट्रीय नेता नेहा बोरा भी छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंची थीं। प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई थी।
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया था। बाद में उसकी पहचान
अमरनाथ पांडेय के रूप में हुई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद छात्र राजनीति से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मामले को लेकर काफी चर्चा हुई।
गिरफ्तारी के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
स्याही फेंकने की घटना के बाद अमरनाथ पांडेय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब छात्र आंदोलन के बीच हुई इस घटना को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
अब इसी मामले में आरोपी को रांची सिविल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद एक नया मोड़ आया है।
अदालत के फैसले के बाद अमरनाथ पांडेय को राहत मिली है, हालांकि जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मामले में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया है। मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
कोर्ट ने जमानत के साथ रखी शर्त
अदालत ने अमरनाथ पांडेय को जमानत देते समय कुछ शर्तें भी रखी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,
जमानत की शर्तों में नेहा बोरा के खिलाफ किसी भी प्लेटफॉर्म पर बयान नहीं देने का निर्देश शामिल है।
अदालत की ओर से लगाई गई शर्त का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच आगे किसी तरह के विवाद या टकराव की
स्थिति को रोकना माना जा रहा है। आरोपी को अदालत द्वारा निर्धारित जमानत की शर्तों का पालन करना होगा।
दो जमानती बॉन्ड पर मिली बेल
रिपोर्ट के अनुसार, अमरनाथ पांडेय को 10-10 हजार रुपये के दो जमानती बॉन्ड प्रस्तुत करने के आधार पर जमानत दी गई है। इसके साथ ही अदालत की ओर से निर्धारित शर्तों का पालन करना भी जरूरी होगा।
स्याहीकांड के बाद गरमाया था छात्र आंदोलन
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया था, जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र संगठनों का आंदोलन तेज था। विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस-प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली थी।
इसी आंदोलन के बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना ने पूरे मामले को और सुर्खियों में ला दिया।
घटना के बाद गिरफ्तारी और राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हुआ। अब अमरनाथ पांडेय को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामले ने एक बार फिर चर्चा पकड़ ली है।
जमानत मिली, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ
अमरनाथ पांडेय को कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें कानूनी राहत जरूर मिली है, लेकिन यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जमानत दोषमुक्ति नहीं होती। उनके खिलाफ दर्ज मामले की आगे की कानूनी
प्रक्रिया जारी रहेगी और मामले में अदालत के समक्ष आगे की कार्रवाई होगी।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा अपडेट यही है कि स्याही फेंकने के आरोप में गिरफ्तार अमरनाथ पांडेय को रांची सिविल कोर्ट ने जमानत दे दी है और अदालत ने जमानत के साथ कुछ महत्वपूर्ण
शर्तें भी निर्धारित की हैं।
BIG UPDATE
- नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के आरोप में अमरनाथ पांडेय गिरफ्तार हुए थे।
- मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट में बेल पर सुनवाई हुई।
- CJM कोर्ट ने अमरनाथ पांडेय को जमानत दे दी।
- 10-10 हजार रुपये के दो जमानती बॉन्ड पर बेल मिली।
- जमानत के साथ नेहा बोरा के खिलाफ बयान देने पर पाबंदी की शर्त बताई गई है।
- जमानत मिलने के बावजूद मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।









