राँची:- झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित कनीय अभियंता (डिप्लोमा) प्रतियोगिता परीक्षा के पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने परीक्षा संचालन एजेंसी के वांछित संचालक सह निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
परीक्षा रद्द होने के बाद दर्ज हुई थी प्राथमिकी
परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद अभ्यर्थी मिथलेश कुमार महतो द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर नामकुम थाना में कांड संख्या 227/22, दिनांक 14 जुलाई 2022 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में IPC की धारा 420, 467, 468 और 120(बी), आईटी एक्ट की धारा 66 तथा बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धारा 10 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कांड के उद्भेदन और बेहतर अनुसंधान के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना की पुष्टि से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए।
परीक्षा संचालन एजेंसी की भूमिका सामने आई
अनुसंधान के क्रम में पुलिस को जानकारी मिली कि वर्ष 2022 में आयोजित इस परीक्षा का संचालन नई दिल्ली स्थित परीक्षा संचालन एजेंसी Bynsis Technology Pvt. Ltd. द्वारा किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि पेपर लीक के बाद एक सिंडिकेट के माध्यम से पटना में अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाए जाने की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान परीक्षा संचालन एजेंसी और उसके संचालक की कथित संलिप्तता से संबंधित साक्ष्य भी प्राप्त हुए। इसके बाद मामले में परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई गई।
पहले भी कई आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
इस मामले में जांच के दौरान पुलिस द्वारा पूर्व में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अनुसंधान के क्रम में परीक्षार्थी सह प्राथमिकी अभियुक्त रंजीत मंडल को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा सिंडिकेट से जुड़े आरोपी दीपक कुमार, अभिषेक कुमार और दीपक श्रीवास्तव को भी न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
परीक्षा संचालन एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार को भी इस मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इन गिरफ्तारियों के बाद जांच एजेंसी द्वारा पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
मुंबई से गिरफ्तार हुआ परीक्षा संचालन एजेंसी का संचालक
SIT के अनुसंधान के क्रम में परीक्षा संचालन एजेंसी के वांछित संचालक सह निदेशक अरुण कुमार की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार अरुण कुमार, पिता स्वर्गीय हरिनारायण सिंह, ग्राम खोखुना, थाना चिक्सौरा, जिला नालंदा, बिहार का रहने वाला है।
SIT ने कार्रवाई करते हुए अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया गया, जहां से दिनांक 10 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। कांड में संलिप्त अन्य चिन्हित एवं फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है। SIT पेपर लीक के पूरे सिंडिकेट, परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े लोगों और अभ्यर्थियों तक कथित रूप से पहुंचाए गए प्रश्नोत्तर के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
वर्ष 2022 में हुई इस परीक्षा में 1279 कनीय अभियंता पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही उत्तरमाला और पेपर लीक होने की घटना सामने आने के कारण पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। अब इस मामले में परीक्षा संचालन एजेंसी के संचालक की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई अन्य चिन्हित और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पेपर लीक से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा करने पर केंद्रित है।









