कैबिनेट के फैसले पर बाबूलाल मरांडी के बयान पर आलोक दूबे का पलटवार, कहा—फैसले कैबिनेट में नहीं होंगे तो क्या बाबूलाल के कार्यालय में होंगे ?

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राँची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के कैबिनेट के फैसले पर दिए बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि “फैसले कैबिनेट में नहीं होंगे तो क्या बाबूलाल मरांडी के कार्यालय में होंगे?”

आलोक दूबे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने तथा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए उच्चस्तरीय कमिटी गठित करने का निर्णय युवाओं के विश्वास को बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस फैसले के माध्यम से अपना दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। बच्चों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उनके अनुसार, छात्रों के हित में लिया गया यह फैसला सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।

आलोक दूबे ने राजनीतिक आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इसे देखकर भाजपा के नेताओं को परेशानी होना स्वाभाविक है। भाजपा को युवाओं के हित में लिए गए सकारात्मक फैसले का स्वागत करना चाहिए, न कि उसमें राजनीतिक विवाद तलाशना चाहिए।

सीबीआई जांच की मांग पर भी पलटवार

सीबीआई जांच की मांग को लेकर आलोक दूबे ने कहा कि देश में सीबीआई समेत कई लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर संस्थाओं के कथित दुरुपयोग को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी को सीबीआई जांच की मांग करने से पहले भाजपा शासित राज्यों में चल रहे छात्र और युवा आंदोलनों पर भी ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा नेताओं को दूसरे राज्यों में चल रहे आंदोलनों पर भी रोशनी डालनी चाहिए और युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को युवाओं के सवालों को मजबूती से उठाने वाला नेता बताते हुए कहा कि वे सच को सच कहने की हिम्मत रखते हैं।

उन्होंने दिल्ली में छात्रों और युवाओं के साथ कथित बर्बरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों से माफी मांगना तो दूर, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में भी इन सवालों का सामना करने से बचते हैं।

प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने अंत में कहा कि झारखंड सरकार ने छात्रों के हित में ठोस निर्णय लेकर यह स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने भाजपा से अपील की कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय छात्रों के हित में लिए गए फैसलों का समर्थन किया जाना चाहिए।

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Author: Ranchi Club Tv

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