26 साल का झारखंड ! सपने बड़े थे, लेकिन चुनौतियां अब भी बरकरार
झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर पार्षद नकुल तिर्की ने राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अलग राज्य बनने के पीछे यहां के लोगों की बेहतर भविष्य की उम्मीदें और आकांक्षाएं जुड़ी थीं। लोगों को उम्मीद थी कि झारखंड में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा और गरीब एवं वंचित तबके के लोगों को बेहतर जीवन जीने के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण काम किए जाने बाकी हैं। खासकर गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना बेहद जरूरी है। विकास का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ पहुंचे।
पार्षद ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में झारखंड विकास, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने सभी झारखंडवासियों के सुख, शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना भी की।
छठ से पहले वार्ड-1 में सफाई अभियान तेज, तीन प्रमुख घाटों पर विशेष तैयारी
झारखंड स्थापना दिवस के साथ ही इन दिनों छठ और दीपावली की तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। खासकर छठ महापर्व को लेकर घाटों की साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। इसको लेकर पार्षद नकुल तिर्की ने बताया कि वार्ड नंबर-1 में तीन प्रमुख छठ पूजा स्थल हैं। इनमें एक डैम, टिकली टोला छठ घाट और मिशन गली छठ घाट शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर सफाई कर्मियों के माध्यम से सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि घाटों की सफाई का आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है। शेष बचे हिस्सों में भी सफाई का काम छठ महापर्व से पहले पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
पार्षद ने यह भी स्पष्ट किया कि छठ पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा महापर्व है। इसलिए घाटों की स्वच्छता, पहुंच मार्गों की स्थिति और रोशनी जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
सिर्फ त्योहारों पर सफाई क्यों ? पूरे साल स्वच्छ रहने चाहिए डैम और तालाब
सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षद नकुल तिर्की ने एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान नगर निगम और संबंधित विभागों की ओर से डैम, नदी और तालाबों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है, लेकिन त्योहार समाप्त होते ही कई जगहों पर सफाई की नियमितता कम हो जाती है। इसके कारण जलस्रोतों में दोबारा गंदगी जमा होने लगती है।
उन्होंने नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि जलस्रोतों की सफाई को केवल छठ या अन्य त्योहारों तक सीमित नहीं रखा जाए। इसके लिए सालभर नियमित सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। डैम, नदी और तालाब शहर की महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा हैं। इनकी स्वच्छता बनाए रखना नगर प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि पूरे साल सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहेगी तो त्योहार आने पर प्रशासन को अचानक बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे लोगों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
खराब रास्तों की पहचान, छठव्रतियों की सुविधा के लिए मरम्मत की मांग
छठ घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति को लेकर भी पार्षद ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वार्ड के जिन रास्तों की स्थिति खराब है, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष इन रास्तों की मरम्मत कराने का आग्रह किया गया है।
उनका कहना है कि छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों तक पहुंचते हैं। ऐसे में रास्तों का सुरक्षित और बेहतर होना बेहद जरूरी है। घाटों की सफाई के साथ-साथ पहुंच मार्गों की मरम्मत और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
दीपावली पर रोशनी की चुनौती, नगर निगम से अब भी लाइट मिलने का इंतजार
दीपावली के अवसर पर वार्ड में प्रकाश व्यवस्था को लेकर पार्षद नकुल तिर्की ने बताया कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व संभालने के बाद से ही उन्होंने अलग-अलग मोहल्लों में लाइट लगवाने का प्रयास किया है। कई स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था भी कराई गई है। हालांकि, तेजी से बढ़ती आबादी और नए घरों के निर्माण के कारण अब भी कुछ इलाकों में स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम की ओर से पार्षदों को उपलब्ध कराई जाने वाली लाइट अभी तक उन्हें नहीं मिली है। इसके बावजूद स्थानीय संसाधनों और लोगों के सहयोग से जरूरत वाले स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से छठ पूजा स्थलों पर लाइट लगाने को प्राथमिकता दी जा रही है।
पार्षद ने बताया कि इस समस्या को नगर निगम प्रशासन और उपायुक्त (डीसी) के समक्ष भी उठाया गया है। अधिकारियों की ओर से आवश्यक व्यवस्था करने का आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि वार्ड में जहां भी लाइट की जरूरत होगी, वहां लिखित आवेदन देकर संबंधित अधिकारियों से रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।
पार्षद का संदेश ! स्वच्छता, रोशनी और सौहार्द के साथ मनाएं त्योहार
अपनी बात के अंत में नकुल तिर्की ने वार्ड नंबर-1 सहित समस्त झारखंडवासियों को छठ महापर्व और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से त्योहारों को स्वच्छता, प्रकाश और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सामूहिक प्रयास और प्रशासन के सहयोग से वार्ड में छठ घाटों की सफाई, रास्तों की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
जनता की उम्मीदें और प्रशासन की जिम्मेदारी
झारखंड के 26 वर्षों का सफर विकास की उपलब्धियों के साथ-साथ अधूरी उम्मीदों की समीक्षा करने का भी अवसर है। वहीं छठ और दीपावली की तैयारियां स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए अपनी जिम्मेदारियों को जमीन पर उतारने की परीक्षा हैं। वार्ड नंबर-1 में घाटों की सफाई का आधे से अधिक काम पूरा होने की जानकारी और बाकी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा कराने का भरोसा निश्चित रूप से स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि छठ महापर्व से पहले सफाई, रास्तों की मरम्मत और रोशनी से जुड़े प्रयास कितनी प्रभावी तरीके से पूरे होते हैं।
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