राँची:- राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित रजिस्ट्री ऑफिस के पास आदिवासी परिवारों के आवागमन मार्ग को अवरुद्ध किए जाने के विरोध में 25 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है। पीड़ित आदिवासी परिवारों और क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने रांची नगर निगम के अधिकारियों, इंफोर्समेंट टीम तथा संबंधित ठेकेदार से जुड़े लोगों पर रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने आवागमन मार्ग बहाल करने और मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।
17 अक्टूबर की कार्रवाई के बाद रास्ता बंद होने का आरोप
पीड़ित परिवार के सदस्य मनोज प्रभाकर उरांव के अनुसार, 17 अक्टूबर को रांची नगर निगम के जूनियर इंजीनियर, परिवर्तन दल, इंफोर्समेंट टीम और ठेकेदार से जुड़े लोगों की कार्रवाई के बाद आदिवासी परिवारों के आने-जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के पारंपरिक आवागमन मार्ग पर परेशानी उत्पन्न हुई है।
चारदीवारी निर्माण को लेकर विरोध
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 22 अक्टूबर से मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस के पास रांची नगर निगम की ओर से चारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। उनके अनुसार, इससे उनके पारंपरिक आवागमन मार्ग में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। पीड़ित परिवारों और स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि रास्ता बंद होने से उन्हें दैनिक आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने संबंधित कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए और मांग की कि मामले की उचित जांच कराई जाए तथा प्रभावित परिवारों की समस्या का समाधान किया जाए।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा
अपनी मांगों को लेकर पीड़ित आदिवासी परिवारों और क्षेत्र के निवासियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता और आवागमन मार्ग को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में राजेश कुजूर, कुंदरेसी मुंडा, निरंजना हेरेंज टोप्पो, संध्या कुजूर, नमी उरांव, अंजलि उरांव, सुमन कुजूर समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारी मौजूद रहे।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग आवागमन मार्ग को बहाल करना और मामले का उचित समाधान सुनिश्चित करना है। इस मामले में रांची नगर निगम का पक्ष तथा संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।









