राँची में डॉक्टरों के आंदोलन को बड़ी सफलता ! 9 प्रमुख मांगों पर सहमति, फिलहाल हड़ताल नहीं

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राँची:- झारखंड में चिकित्सकों की मांगों को लेकर चल रही खींचतान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) झारखंड, झारखंड हेल्थ सर्विस एसोसिएशन (JHASA) और राज्य के विभिन्न चिकित्सक संगठनों के संयुक्त आंदोलन को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई बैठक में चिकित्सकों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। सबसे अहम बात यह है कि फिलहाल चिकित्सक हड़ताल पर नहीं जाएंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल व्यवधान की आशंका कम हुई है और मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, अजय कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में मांगों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई और समय-सीमा निर्धारित करने पर सहमति बनी। चिकित्सक संगठनों ने इसे अपनी एकजुटता, निरंतर संवाद और सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया। हालांकि, सहमति बनने और मांगों को आधिकारिक रूप से लागू किए जाने के बीच अभी कुछ प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं।

क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन की मांग स्वीकार

चिकित्सक संगठनों की प्रमुख मांगों में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट (CEA) में संशोधन शामिल है। बैठक में इस संबंध में अगले दो महीने के भीतर संशोधन प्रस्ताव मंत्रिमंडल की स्वीकृति के लिए भेजने पर सहमति बनी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अस्पतालों में न्यूनतम बिस्तरों की अनिवार्यता के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में 30 और शहरी क्षेत्रों में 40 बिस्तरों की व्यवस्था पर भी सहमति बनी है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाना है। हालांकि, संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने और लागू होने की प्रक्रिया अभी बाकी है।

DACP के अनुरूप समयबद्ध पदोन्नति पर पहल

चिकित्सकों की पदोन्नति संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार और बिहार में लागू प्रासंगिक प्रावधानों के आधार पर डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) के अनुरूप व्यवस्था तैयार करने पर सहमति बनी। इस प्रस्ताव में सामान्य चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और दोनों संवर्गों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल करने की बात कही गई है। इस मुद्दे पर वित्त विभाग के साथ बैठक कर आवश्यक समाधान निकालने पर सहमति बनी है। अब इस व्यवस्था को लेकर तैयार होने वाले प्रस्ताव और उसके क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।

डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए DSP स्तर का नोडल अधिकारी

चिकित्सकों की सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व में लागू व्यवस्था के अनुरूप DSP स्तर के पुलिस पदाधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने की व्यवस्था दोबारा लागू करने पर सहमति बनी। इसका उद्देश्य चिकित्सकों के विरुद्ध हिंसा और सुरक्षा संबंधी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई तथा स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है।

TRP पर गए चिकित्सकों की समस्या का समाधान

TRP यानी Trainee Reserve Post पर गए चिकित्सकों की सेवा संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। बैठक में पूर्व में लागू व्यवस्था को पुनः लागू करने पर सहमति बनी। चिकित्सक संगठनों को उम्मीद है कि इससे संबंधित चिकित्सकों की लंबित समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा। वास्तविक राहत के लिए आगे संबंधित आदेश और विभागीय कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

महिला चिकित्सकों के मातृत्व अवकाश और सुरक्षा के अधिकार

महिला चिकित्सकों के मातृत्व अवकाश और सुरक्षा से संबंधित मांगों को भी स्वीकार किया गया। चिकित्सक संगठनों ने इसे महिला डॉक्टरों के अधिकारों की रक्षा और उनके लिए सुरक्षित एवं सहयोगपूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। इन प्रावधानों का वास्तविक लाभ संबंधित नियमों और विभागीय आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

अस्पतालों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम

अस्पतालों और अन्य चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण, प्रमाणन तथा विभिन्न अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग स्वीकार की गई। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग प्रक्रियाओं के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करना और प्रशासनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाना है। अब इस व्यवस्था के लागू होने की प्रक्रिया और समय-सीमा महत्वपूर्ण होगी।

इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान

इंटर्न, कनिष्ठ रेजिडेंट और वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों की प्रोत्साहन राशि के भुगतान में अनियमितताओं को दूर कर भुगतान नियमित करने पर सहमति बनी। युवा चिकित्सकों के लिए समय पर भुगतान महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनकी आर्थिक जरूरतों और दैनिक खर्चों के प्रबंधन में मदद मिलती है। चिकित्सक संगठनों ने इसे युवा डॉक्टरों से जुड़े मुद्दे के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।

आयुष्मान भारत योजना के मुद्दों पर आगे होगी चर्चा

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत लागू टू-टियर व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा हुई। इन मुद्दों पर आगे विचार-विमर्श जारी रखने पर सहमति बनी, लेकिन इस विषय पर तत्काल अंतिम समाधान घोषित नहीं किया गया। योजना के संचालन से संबंधित विषयों का समाधान मरीजों और स्वास्थ्य संस्थानों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

IMA और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समन्वय समिति पर जोर

सहमत मांगों के समयबद्ध क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर समन्वय समिति गठित करने पर सहमति बनी। IMA झारखंड ने जोर दिया कि इस समिति में IMA और संबंधित चिकित्सक संगठनों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि सहमत बिंदुओं पर कार्रवाई की निगरानी हो सके और लंबित मुद्दों को समय पर उठाया जा सके।

फिलहाल हड़ताल नहीं, छठ के बाद अगली बैठक

चिकित्सक संगठनों ने बैठक के सकारात्मक परिणामों को संयुक्त आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। फिलहाल चिकित्सक हड़ताल पर नहीं जाएंगे। छठ पर्व के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ फिर बैठक होगी, जिसमें शेष लंबित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस निर्णय से तत्काल हड़ताल को लेकर बनी आशंका कम हुई है, लेकिन सभी मांगों का अंतिम समाधान और क्रियान्वयन अभी आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?

स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला उपस्थित थे। चिकित्सक संगठनों की ओर से डॉ. अजय कुमार सिंह, संरक्षक, IMA; डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, सचिव, IMA झारखंड; डॉ. योगेश गंभीर; डॉ. मृत्युंजय सिंह, सचिव, JHASA; डॉ. विमलेश कुमार सिंह, अध्यक्ष, JHASA; डॉ. शंभू प्रसाद सिंह, सचिव, IMA HBI; डॉ. अभिषेक रामाधीन, राज्य समन्वयक, IMA HBI; डॉ. अजीत; डॉ. कृष्ण मुरारी; डॉ. स्टीफन खेस; डॉ. विकास; डॉ. राजेश; डॉ. उषा सिंह; डॉ. रंजू सिंह तथा अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अब सहमति को जमीन पर उतारने की चुनौती

चिकित्सकों की मांगों पर बनी सहमति को स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम शुरुआत माना जा रहा है। डॉक्टरों की सुरक्षा, पदोन्नति, महिला चिकित्सकों के अधिकार, प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान और चिकित्सा संस्थानों की प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे मुद्दे सीधे स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े हैं। आम जनता के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि अस्पतालों में इलाज की सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।

IMA झारखंड ने कहा है कि चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण संगठन का उद्देश्य है। संगठन सरकार के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखेगा और सभी सहमत मांगों के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रयास करेगा। अब सबकी निगाहें छठ पर्व के बाद होने वाली अगली बैठक और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब सहमत मांगों पर प्रभावी कार्रवाई होगी और चिकित्सकों को उसका लाभ मिलेगा।

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Author: Ranchi Club Tv

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