हेहल सरना स्थल की चहारदीवारी पर विवाद, रास्ते को लेकर उठे सवाल; पुलिस की मौजूदगी में फिर शुरू हुआ निर्माण

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राँची:- राजधानी रांची के वार्ड-34 स्थित हेहल पहाड़ टोली सरना स्थल की चहारदीवारी निर्माण को लेकर गुरुवार को विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। चहारदीवारी का निर्माण शुरू होने के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि यदि चहारदीवारी का निर्माण इसी तरह किया गया तो बस्ती में आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, सरना समिति से जुड़े लोगों ने कहा कि सरना स्थल की जमीन को सुरक्षित रखने और उसे अतिक्रमण से बचाने के लिए चहारदीवारी का निर्माण जरूरी है।

विवाद की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। वार्ड पार्षद अजीत कच्छप की मौजूदगी में स्थानीय लोगों और सरना समिति से जुड़े लोगों के बीच बातचीत कर मामले को समझने की कोशिश की गई। बातचीत के बाद स्थिति को शांत कराया गया और चहारदीवारी निर्माण का काम दोबारा शुरू कराया गया। फिलहाल मौके पर निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की तैयारी है।

सरना समिति के अनुसार, हेहल सरना स्थल की कुल जमीन करीब दो एकड़ आठ डिसमिल है। समिति का कहना है कि इस जमीन की सुरक्षा लंबे समय से एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। इसी वजह से पूरे सरना स्थल की घेराबंदी कराने की पहल की गई है। समिति के मुताबिक, चहारदीवारी निर्माण के लिए राज्य सरकार के कल्याण विभाग की ओर से 24 लाख 94 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। लाभुक समिति के माध्यम से पूरी जमीन की घेराबंदी का काम कराया जा रहा है।

समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि सरना स्थल आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में जमीन को सुरक्षित रखना जरूरी है। समिति का दावा है कि स्थल की जमीन को लेकर लंबे समय से अतिक्रमण की आशंका बनी हुई थी और इसी को ध्यान में रखते हुए चहारदीवारी निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई।

वहीं, वार्ड पार्षद अजीत कच्छप ने कहा कि सरना स्थल आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने बताया कि चहारदीवारी निर्माण का काम जमीन की जांच-पड़ताल के बाद कराया जा रहा है। उनके अनुसार, राजस्व अभिलेख में भी संबंधित जमीन को सरना स्थल के रूप में दर्ज बताया गया है। उन्होंने सभी पक्षों से सहयोग करने की अपील की, ताकि निर्माण कार्य को लेकर किसी तरह का विवाद आगे न बढ़े।

हेहल सरना स्थल के मुख्य पाहन राकेश तिर्की ने बताया कि सरना समिति की ओर से लंबे समय से स्थल की घेराबंदी कराने का प्रयास किया जा रहा था। उनका कहना है कि सरना स्थल की जमीन को सुरक्षित रखने के लिए चहारदीवारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि करीब तीन दिन पहले निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जिसके बाद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया।

इसके बाद सरना समाज से जुड़े लोगों ने सुखदेवनगर थाना पहुंचकर मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। गुरुवार को पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। बातचीत के बाद निर्माण कार्य को फिर से शुरू कराया गया। समिति की ओर से कहा गया है कि अब पूरी जमीन की चहारदीवारी का काम आगे जारी रहेगा।

इस पूरे मामले में फिलहाल मुख्य मुद्दा सरना स्थल की जमीन की सुरक्षा और स्थानीय लोगों के आवागमन से जुड़ा हुआ है। एक तरफ सरना समिति जमीन को सुरक्षित रखने के लिए पूरी घेराबंदी की बात कह रही है, वहीं कुछ स्थानीय लोगों को रास्ते के प्रभावित होने की चिंता है। ऐसे में आगे निर्माण कार्य के दौरान दोनों पक्षों की चिंताओं का समाधान करते हुए काम पूरा करना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में बातचीत के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है। अब देखना होगा कि चहारदीवारी का काम आगे किस तरह पूरा होता है और स्थानीय लोगों के आने-जाने की व्यवस्था को लेकर क्या समाधान सामने आता है।

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Author: Ranchi Club Tv

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