रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि के बाद अब खामोश रैली, 8 अक्टूबर को शांति मार्च के साथ राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा स्वर्ण मोर्चा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

राँची:- 8 अक्टूबर को रांची में प्रस्तावित अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के कार्यक्रम का स्वरूप अब बदल गया है। संगठन की ओर से पहले जहां सवर्ण हित से जुड़े मुद्दों को लेकर आक्रोश रैली निकालने और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था, वहीं रूपी सोरेन के निधन के बाद अब इस कार्यक्रम को खामोश रैली और शांति मार्च के रूप में आयोजित करने की बात कही गई है।

इस संबंध में अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा, झारखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि 8 अक्टूबर को सबसे पहले मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में पहुंचकर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद रैली को आक्रोश के बजाय शांति और मौन के संदेश के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

‘रूपी सोरेन हमारी भी माता थीं’—राजेश सिंह

राजेश सिंह ने रूपी सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रूपी सोरेन केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व विधायक स्वर्गीय दुर्गा सोरेन और विधायक बसंत सोरेन के परिवार की माता नहीं थीं, बल्कि उनके लिए भी वह माता के समान थीं। उन्होंने कहा कि इसी भाव को ध्यान में रखते हुए 8 अक्टूबर के कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि से की जाएगी।

राजेश सिंह ने अपने बयान में अपने राजनीतिक अतीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा में अपने जीवन के 16 वर्ष बिताए हैं। इसी व्यक्तिगत जुड़ाव और भावनात्मक संबंध का उल्लेख करते हुए उन्होंने रूपी सोरेन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि देने की बात कही।

आक्रोश रैली अब होगी खामोश रैली

राजेश सिंह के मुताबिक, सवर्ण हित से जुड़े मुद्दों को लेकर 8 अक्टूबर को होने वाली प्रस्तावित आक्रोश रैली अब खामोश रैली और शांति मार्च के रूप में निकाली जाएगी। संगठन का उद्देश्य अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को पूरी तरह रद्द करना नहीं, बल्कि मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए उसके स्वरूप में बदलाव करना है।

उन्होंने कहा कि बापू वाटिका में श्रद्धांजलि देने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से मार्च आगे बढ़ेगा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस तरह कार्यक्रम में एक तरफ रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि का भाव रहेगा, तो दूसरी तरफ संगठन अपनी मांगों को भी संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।

राज्यपाल को सौंपा जाएगा ज्ञापन

राजेश सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य राज्यपाल के समक्ष सवर्ण समाज के हित से जुड़ी मांगों को रखना है। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाना था और कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव के बावजूद ज्ञापन सौंपने की योजना जारी रहेगी।

संगठन की ओर से पहले UGC से जुड़े मुद्दों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण और सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर अपनी मांगें सामने रखी गई थीं। अब इन्हीं मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल तक पहुंचाने की तैयारी है।

श्रद्धांजलि और संघर्ष—दोनों संदेश साथ लेकर चलेगा मार्च

8 अक्टूबर का यह कार्यक्रम अब अपने मूल स्वरूप से अलग भावनात्मक रंग ले चुका है। एक ओर रूपी सोरेन के निधन से जुड़ा शोक और श्रद्धांजलि का भाव रहेगा, वहीं दूसरी ओर सवर्ण मोर्चा अपने पूर्व निर्धारित मुद्दों को भी सामने रखेगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह के बयान से साफ है कि कार्यक्रम को टकराव के बजाय शांति और मौन के संदेश के साथ आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।

बापू वाटिका में श्रद्धांजलि से शुरू होकर आगे बढ़ने वाला यह शांति मार्च रांची में संगठन की ओर से आयोजित कार्यक्रम का नया स्वरूप होगा। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि 8 अक्टूबर को कितने लोग इसमें शामिल होते हैं, श्रद्धांजलि कार्यक्रम किस रूप में होता है और राज्यपाल को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में किन मांगों को प्रमुखता दी जाती है।

राजेश सिंह ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

अपने संदेश के अंत में राजेश सिंह ने रूपी सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मौजूदा दुख की घड़ी में संगठन अपने कार्यक्रम को संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाएगा। 8 अक्टूबर को बापू वाटिका में श्रद्धांजलि और उसके बाद खामोश रैली के जरिए संगठन अपनी बात रखने की तैयारी में है।

Ranchi Club TV — आपकी आवाज, हमारी जिम्मेदारी।

Ranchi Club Tv
Author: Ranchi Club Tv

Leave a Comment

और पढ़ें