छात्रों के दर्द पर भाजपा की राजनीति, संवाद के लिए राहुल गांधी आगे : आलोक दूबे

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राँची:-  प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने छात्रों के अधिकार और उनके साथ हो रहे अन्याय के मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों की बात हो या

झारखंड-बिहार के युवाओं से जुड़े सवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लगातार छात्रों के मुद्दों को उठाया है और
उनके साथ खड़े दिखाई दिए हैं।

आलोक दूबे ने कहा कि झारखंड के छात्रों के मामले में राहुल गांधी ने दो बार सीधे बच्चों से संवाद किया और
दो बार मीडिया के माध्यम से छात्रों पर हुई कार्रवाई और लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के साथ खड़ा होना केवल विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं है। सत्ता में बैठे लोगों की भी संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है कि वे युवाओं की समस्याएं सुनें और उनके समाधान की दिशा में पहल करें।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री छात्रों के बीच जाकर करें संवाद

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है तो प्रधानमंत्री
और गृह मंत्री को भी आंदोलनरत छात्रों के बीच जाकर उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा नेताओं बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू को चुनौती देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों को झारखंड बुलाकर छात्रों के बीच भेजा जाए, ताकि वे सीधे छात्रों की समस्याएं सुन सकें।

आलोक दूबे ने कहा कि केवल राजनीति करने या दूसरे के आंदोलन में फोटो खिंचवाने से छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि छात्रों के सवालों को गंभीरता से सुना जाए और बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता निकाला जाए।

‘हर सवाल का जवाब राहुल गांधी से ही क्यों?’

आलोक दूबे ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र में सत्ता में रहते हुए भी भाजपा देश के लगभग हर सवाल की जिम्मेदारी राहुल गांधी के कंधों पर डालती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा से लेकर पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन, चीन और पाकिस्तान जैसे मुद्दों तक विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ही लगातार सवाल उठाने पड़ते हैं।

उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जब कोई संकट आता है, जब सवाल पूछने होते हैं और जब जवाबदेही तय करनी होती है, तब राहुल गांधी की जरूरत पड़ती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि हर गंभीर मुद्दे पर विपक्ष को ही आगे आकर आवाज उठानी है तो फिर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जिम्मेदारी क्या है।

भाजपा नेताओं से किया संवाद का आह्वान

आलोक दूबे ने कहा कि छात्रों से संवाद की जिम्मेदारी केवल राहुल गांधी की नहीं हो सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और केंद्र सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों से छात्रों के बीच जाकर उनकी बात सुनने की अपील की उन्होंने कहा कि युवाओं के सवालों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर देखना चाहिए।

कर्मवीर सिंह के वीडियो को लेकर भाजपा पर निशाना

भाजपा के संगठन प्रभारी कर्मवीर सिंह द्वारा 10 अगस्त को छात्रों के प्रदर्शन का वीडियो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लाइव दिखाए जाने को लेकर भी आलोक दूबे ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान का रास्ता तलाशने के बजाय उनके आंदोलन का लाइव वीडियो सत्ता के शीर्ष नेतृत्व को दिखाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इससे यह संदेश जाता है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान तलाशने के बजाय उनके आंदोलन को राजनीतिक मुद्दे और अवसर के रूप में देखा जा रहा है। आलोक दूबे ने कहा कि बच्चों के आंदोलन को राजनीतिक तमाशा बनाने की कोशिश बंद होनी चाहिए और उनके बीच बैठकर उनकी पीड़ा तथा मांगों को समझने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। उनके सवालों, अधिकारों और संघर्ष को सत्ता की राजनीति का हथियार बनाने के बजाय संवाद, संवेदनशीलता और समाधान के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और आंदोलनरत युवाओं से सीधे संवाद की पहल करने की मांग की।

Ranchi Club Tv
Author: Ranchi Club Tv

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