रोबोटिक सर्जरी प्रोग्राम की शुरुआत के साथ अब झारखंड के मरीजों को अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी के लिए दूसरे राज्यों के बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत कम होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को रांची में ही उन्नत सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
राज्यपाल ने बताया स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी को झारखंड में आधुनिक और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का समावेश मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी चिकित्सा विज्ञान में तकनीकी प्रगति का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे जटिल शल्य चिकित्सा के दौरान चिकित्सकों को अधिक सटीकता के साथ कार्य करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से अपेक्षाकृत छोटे चीरे, कम पीड़ा और शीघ्र रिकवरी जैसे संभावित लाभ मरीजों को मिल सकते हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सुविधा के शुरू होने से झारखंड के मरीजों को उन्नत शल्य चिकित्सा सेवाएं राज्य में ही उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा मजबूत और आधुनिक वातावरण विकसित किया जाना चाहिए, जिससे राज्य के लोगों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े।
राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को इस स्तर तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए कि देश के अन्य राज्यों से भी लोग उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार के लिए झारखंड आएं। उन्होंने झारखंड को चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सभी संबंधित संस्थानों से मिलकर काम करने का आह्वान किया।
किन विभागों में हो सकेगी रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी?
पारस हेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर धर्मेंद्र नागर ने बताया कि यह झारखंड का पहला रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम के माध्यम से जनरल सर्जरी, गायनेकोलॉजी, यूरोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स समेत विभिन्न विभागों में रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी की जा सकेगी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, रोबोटिक तकनीक जटिल सर्जरी के दौरान अधिक सटीकता के साथ प्रक्रिया को अंजाम देने में चिकित्सकों की सहायता करती है। कम चीरे वाली सर्जरी के कारण मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण के कम जोखिम और अपेक्षाकृत तेज रिकवरी जैसे लाभ मिल सकते हैं।
दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद जाने की जरूरत होगी कम
धर्मेंद्र नागर ने कहा कि अब तक झारखंड के कई मरीज रोबोटिक सर्जरी के लिए दिल्ली, कोलकाता, हैदराबाद और देश के अन्य बड़े शहरों का रुख करते रहे हैं। रांची में इस सुविधा की शुरुआत से मरीजों को अपने ही राज्य में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों के लिए यात्रा से जुड़ा समय और खर्च बचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक तकनीक को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
पारस हेल्थ के लिए ऐतिहासिक कदम: डॉ. नीतेश कुमार
पारस एचईसी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि पारस हेल्थ हमेशा से झारखंड के लोगों तक अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम की शुरुआत को इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि अब राज्य के मरीजों को अत्याधुनिक सर्जरी के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी और रांची में ही विश्वस्तरीय तकनीक के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रोबोटिक तकनीक से जटिल सर्जरी अधिक सटीकता के साथ करने में सहायता मिल सकती है। इससे मरीजों की रिकवरी तेज होने, अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होने और इलाज के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में कई चिकित्सक रहे मौजूद
रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम के उद्घाटन अवसर पर अस्पताल के कई वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। इनमें डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. अभिनव शेखर, डॉ. प्रीति सिंह और डॉ. अमित कुमार समेत अस्पताल के कई डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।
झारखंड में रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी प्रोग्राम की शुरुआत को राज्य में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में इस तकनीक के माध्यम से राज्य के मरीजों को जटिल सर्जरी के लिए अपने ही शहर और राज्य में उन्नत उपचार विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है !









