भाजपा छात्रों के आंसुओं पर राजनीति न करे, पहले अपने शासन वाले राज्यों में युवाओं को जवाब दे: आलोक कुमार दूबे

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राँची: JPSC और छात्रों के आंदोलन को लेकर झारखंड की सियासत लगातार गरमाती जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि यदि भाजपा को वास्तव में छात्रों के भविष्य की चिंता होती तो वह उनके आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय समाधान की दिशा में पहल करती। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर भाजपा घड़ियाली आंसू बहा रही है और उसे पहले अपने शासन वाले राज्यों में युवाओं के रोजगार एवं भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।

JPSC मामले में CID की कार्रवाई पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने JPSC मामले को लेकर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि राज्य की CID मामले में जांच और कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, जांच के दौरान कई लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें पूर्व JPSC परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, TSR Data Processing Private Limited के निदेशक रामवीर सिंह सहित अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं।

आलोक कुमार दूबे ने यह भी कहा कि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते के आवास पर CID की ओर से तलाशी की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जब जांच एजेंसी मामले की जांच कर रही है, गिरफ्तारियां हो रही हैं और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, तब किसी भी राजनीतिक दल को जांच को प्रभावित करने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने भाजपा से कहा कि यदि उसके पास मामले से संबंधित कोई ठोस तथ्य या प्रमाण है तो उसे जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।

समर्थन वापसी की बात पर भाजपा से पूछा रोडमैप

कांग्रेस महासचिव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की ओर से बार-बार समर्थन वापसी की बात किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के मुद्दे पर उसका अपना रोडमैप क्या है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि केवल मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देने की चुनौती देना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार लगातार संवाद कर रही है और आंदोलन के दौरान दमन के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया गया है।

मुख्यमंत्री के खुले पत्र का किया उल्लेख

आलोक कुमार दूबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से छात्रों के नाम जारी खुले पत्र और उनके संबोधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का छात्रों से संवाद सरकार की छात्रों के प्रति प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और गंभीरता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की चिंताओं और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संवाद का रास्ता चुना है। छात्रों के नाम जारी खुले पत्र में मुख्यमंत्री ने अपनी सोच और सरकार की मंशा स्पष्ट की है तथा यह संदेश दिया है कि राज्य सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है।

भाजपा पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एक तरफ मुख्यमंत्री छात्रों से संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा आंदोलन को राजनीतिक रंग देने में लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि जनता के सामने यह अंतर स्पष्ट है कि कौन छात्रों की समस्याओं के समाधान की बात कर रहा है और कौन उनके आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।

जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी है छात्रों का आंदोलन

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है और उनकी मांगों को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। उन्होंने सरकार से छात्रों की जायज मांगों पर सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य, परीक्षा की निष्पक्षता और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि छात्रों की हर जायज मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता हर हाल में कायम रहनी चाहिए।

‘छात्रों को राजनीतिक मोहरा न बनाया जाए’

आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर छात्रों को राजनीतिक मोहरा बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि भाजपा को छात्रों के आंसुओं की चिंता होती तो वह उनके बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनती। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन में राजनीतिक दलों के झंडे और राजनीतिक गतिविधियां शामिल होने से छात्रों के मूल मुद्दे प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखें, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे में न आएं।

“छात्रों की लड़ाई किसी पार्टी की सत्ता की लड़ाई नहीं, उनके भविष्य की लड़ाई है। कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है, लेकिन उनके आंदोलन को किसी राजनीतिक दल का मोहरा नहीं बनने दिया जाना चाहिए।”

JPSC और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बीच अब छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच संवाद इस पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Disclaimer: इस खबर में दिए गए राजनीतिक आरोप और बयान संबंधित नेता द्वारा जारी बयान के आधार पर प्रकाशित किए गए हैं। Ranchi Club TV इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि का दावा नहीं करता है। संबंधित पक्षों के आधिकारिक स्पष्टीकरण या जांच एजेंसी की पुष्टि प्राप्त होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

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Author: Ranchi Club Tv

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