वाई.बी.एन. विश्वविद्यालय में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन, 26 यूनिट रक्त संग्रहित

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राँची:- समाजसेवा और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए वाई.बी.एन. विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ एवं माँ कालावती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में सदर अस्पताल, रांची के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन बचाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. पोद्दार ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. दीप्ती भार्गव, उप कुलसचिव संजय तिवारी, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. आशीष सरकार, माँ कालावती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रभारी प्राचार्य डॉ. भास्कर कुमार, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. आरती गुप्ता तथा एनएसएस समन्वयक डॉ. कौशल किशोर सहित विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. पोद्दार ने कहा कि “रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए सदैव आगे आना चाहिए और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सेवा, समर्पण और मानवता के सच्चे दूत हैं।”

विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री रामजी यादव एवं मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. अंकिता यादव ने रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

रक्तदान शिविर में कुल 46 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इनमें से 26 यूनिट रक्त का सफलतापूर्वक संग्रह सदर अस्पताल, रांची की विशेषज्ञ ब्लड कलेक्शन टीम द्वारा किया गया। शेष स्वयंसेवकों ने शिविर के सफल संचालन एवं जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और उनके इस मानवीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से न केवल किसी जरूरतमंद का जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।

कार्यक्रम के अंत में एनएसएस समन्वयक डॉ. कौशल किशोर ने सदर अस्पताल की ब्लड कलेक्शन टीम, माँ कालावती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा सभी स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

वाई.बी.एन. विश्वविद्यालय का यह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, मानव सेवा, परोपकार और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ। ऐसे आयोजन यह संदेश देते हैं कि समाज के लिए किया गया छोटा-सा योगदान भी किसी के जीवन में नई उम्मीद और नई मुस्कान ला सकता है।

Ranchi Club Tv
Author: Ranchi Club Tv

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