राँची:- मेहनत, जुनून और हौसले की जब जीत होती है तो सिर्फ खिलाड़ी नहीं, पूरा राज्य जश्न मनाता है। राजधानी रांची ने सोमवार को ऐसा ही ऐतिहासिक और गर्व से भरा पल देखा, जब राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का परचम लहराकर लौटे मुआय थाई खिलाड़ियों का रांची रेलवे स्टेशन पर भव्य और भावनात्मक स्वागत किया गया।
दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में 21 एवं 22 जुलाई को आयोजित WBC Amateur Muay Thai Open Championship में झारखंड की टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले झारखंड के सभी छह खिलाड़ियों ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
झारखंड की टीम ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कुल 4 स्वर्ण पदक और 2 रजत पदक अपने नाम किए। खिलाड़ियों की इस शानदार सफलता ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर झारखंड के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
रांची रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों के पहुंचते ही माहौल उत्सव में बदल गया। जन्हित सेवा ट्रस्ट की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सिंह एवं उनकी टीम ने फूल-मालाएं पहनाकर, मिठाई खिलाकर और तालियों की गूंज के बीच खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्टेशन परिसर “झारखंड के वीर खिलाड़ियों का स्वागत है” जैसे नारों से गूंज उठा।
मौजूद लोगों ने खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे युवा पूरे राज्य के लिए प्रेरणा हैं। खिलाड़ियों के चेहरे पर जीत की खुशी और स्वागत का सम्मान साफ दिखाई दे रहा था।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के पदक विजेता
- शिवदत्त लोहरा — स्वर्ण पदक
- अंश कुमार सिंह — स्वर्ण पदक
- तेजस्वी कुमार — स्वर्ण पदक
- सानिया खातून — स्वर्ण पदक
- रौनिका रशी — रजत पदक
- रौनक कुमार — रजत पदक
टीम की सफलता के पीछे कोच करिश्मा कुमारी की मेहनत और मार्गदर्शन की भी अहम भूमिका रही। खिलाड़ियों ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच, अभिभावकों और पूरे झारखंड की जनता को दिया।
झारखंड टीम का नेतृत्व WBC Amateur Muay Thai Jharkhand के चेयरमैन मोहम्मद इबरार कुरैशी कर रहे थे। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत केवल पदकों की नहीं बल्कि झारखंड में मुआय थाई खेल के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करेंगे।
स्वागत समारोह में श्रीमती रेनू सिंह, टन्नू देवी, साक्षी कुमारी, कंचन सिंह, राहुल सिंह एवं नदीम कुरैशी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन युवाओं की मेहनत हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी।
झारखंड के इन होनहार खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया कि सपने बड़े हों, मेहनत सच्ची हो और हौसले बुलंद हों तो राष्ट्रीय मंच भी छोटा पड़ जाता है। आज पूरे राज्य को इन चैंपियंस पर गर्व है और हर झारखंडवासी की जुबान पर एक ही बात है—”ये तो बस शुरुआत है, अभी दुनिया जीतनी बाकी है।”








