राँची:- राजधानी रांची में कथित ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। धुर्वा थाना क्षेत्र के सीएनजी पेट्रोल पंप के नजदीक स्मार्ट सिटी इलाके में छापेमारी कर पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मौके से 4,000 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसका कुल वजन 338.96 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा चार मोबाइल फोन, 9,100 रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी जब्त की गई है। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब 22 से 23 लाख रुपये बताई है।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने बनाई रणनीति, सादे कपड़ों में तैनात की गई टीम
पुलिस अधिकारी के बयान के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को धुर्वा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सीएनजी पेट्रोल पंप के पास स्मार्ट सिटी इलाके में ब्राउन शुगर की कथित खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना में सोनू तिवारी और संदीप उर्फ मामा के नाम सामने आने की बात कही गई। इसके बाद पुलिस ने पहले सूचना का सत्यापन किया और फिर कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
बताया गया कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया था। पुलिस के अनुसार, कुछ युवक अलग-अलग दिशाओं से मौके पर पहुंचे। इसी दौरान उनके बीच सामान के कथित आदान-प्रदान की गतिविधि दिखाई दी। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ने के लिए पीछा किया। भागने के क्रम में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि सोनू तिवारी मौके से फरार होने में सफल रहा।
पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि, इस मामले में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और कथित लेन-देन से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
338.96 ग्राम ब्राउन शुगर समेत मोबाइल, नकदी और वाहन जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 4,000 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद करने की जानकारी दी है। बरामद पदार्थ का कुल वजन 338.96 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार, मौके से चार मोबाइल फोन, 9,100 रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी जब्त की गई है। जांच के दौरान इन वस्तुओं की भूमिका और कथित सप्लाई नेटवर्क से इनके संबंधों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बरामद पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब 22 से 23 लाख रुपये है। उनके अनुसार, एक ग्राम पदार्थ से लगभग पांच से छह छोटी पुड़िया तैयार होने और प्रत्येक पुड़िया की कथित कीमत करीब 600 रुपये होने के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है। यह पुलिस द्वारा बताई गई अनुमानित कीमत है, स्वतंत्र रूप से सत्यापित बाजार मूल्य नहीं।
पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामग्री को जब्ती सूची और संबंधित केस रिकॉर्ड के साथ जोड़कर जांच की जा रही है। बरामदगी से जुड़े सभी विवरणों का अंतिम निर्धारण आधिकारिक दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर किया जाना चाहिए।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक व्यक्ति की तलाश जारी
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तार आरोपियों के रूप में अभिषेक तिवारी, शुभम कुमार उर्फ राजा, अंकित तिवारी और रितिक राज का नाम दिया गया है। अधिकारी के बयान के अनुसार, अंकित तिवारी और रितिक राज की कथित भूमिका बरामद पुड़िया की आपूर्ति से जुड़ी बताई गई है, जबकि अभिषेक तिवारी और शुभम कुमार उर्फ राजा को कथित खरीद पक्ष से संबंधित बताया गया है। इन भूमिकाओं की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
पुलिस के अनुसार, सोनू तिवारी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। शुरुआती सूचना में संदीप उर्फ मामा का नाम भी सामने आया था, लेकिन उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में चार गिरफ्तार व्यक्तियों की सूची में उनका नाम नहीं है। इसलिए संदीप उर्फ मामा की वर्तमान स्थिति और इस मामले में उनकी भूमिका के संबंध में आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
अंकित तिवारी के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज होने की जानकारी
पुलिस अधिकारी के बयान के अनुसार, अंकित तिवारी के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं और एक मामले में दोषसिद्धि होने की बात भी कही गई है। प्रेस विज्ञप्ति में तिलैया थाना कांड संख्या 124/2021, डोरंडा थाना कांड संख्या 122/2021 और पुंदाग ओपी कांड संख्या 300/2023 का उल्लेख किया गया है। संबंधित मामलों की धाराओं और न्यायिक स्थिति की पुष्टि आधिकारिक अभिलेखों से की जानी चाहिए।
पुलिस ने अन्य गिरफ्तार व्यक्तियों के संबंध में फिलहाल कोई अन्य आपराधिक इतिहास सामने नहीं आने की बात कही है। इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई मामला कभी दर्ज नहीं हुआ है; इस संबंध में अंतिम जानकारी संबंधित पुलिस रिकॉर्ड की जांच के बाद ही दी जा सकती है।
अंतरराज्यीय सप्लाई चेन की जांच में जुटी रांची पुलिस
इस मामले में अब पुलिस की जांच का प्रमुख पहलू कथित अंतरराज्यीय सप्लाई चेन का पता लगाना है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, बरामद पुड़िया दूसरे राज्य से तैयार हालत में लाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित आपूर्ति कहां से हुई, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और रांची में इसकी खपत या वितरण की योजना किस प्रकार बनाई गई थी।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सप्लाई से संबंधित कई जानकारियां अभी अनुसंधान के अधीन हैं। जांच और छापेमारी जारी होने के कारण फिलहाल सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और आगे की कार्रवाई से इस कथित नेटवर्क से संबंधित अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं।
धुर्वा थाना में इस मामले को लेकर कांड संख्या 271/2026, दिनांक 11 अक्टूबर 2026 दर्ज किए जाने की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। मामला एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज बताया गया है। सटीक धाराओं और उनके लागू होने की पुष्टि मूल प्राथमिकी से की जानी चाहिए।
आगे की कार्रवाई पर टिकी नजरें
धुर्वा स्मार्ट सिटी इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच के अगले चरण पर नजर रहेगी। पुलिस के सामने बरामद पदार्थ के स्रोत का पता लगाने, कथित सप्लाई चेन की पुष्टि करने, फरार आरोपी को पकड़ने और प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। फिलहाल पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर चार लोगों की गिरफ्तारी और बरामदगी की पुष्टि की गई है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं पर जांच जारी है।
यह मामला एक बार फिर शहरी इलाकों में मादक पदार्थों की कथित खरीद-बिक्री पर निगरानी और पुलिस की कार्रवाई को चर्चा में लाता है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क और उसकी वास्तविक सीमा के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।









