राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर आलोक दूबे का पलटवार, कहा- छात्रों के कंधे पर राजनीति की बंदूक चला रही भाजपा

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राँची:- प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं की ओर से की जा रही बयानबाजी पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अपनी नाकामियों और विफलताओं को छिपाने के लिए भाजपा नेता अब ओछी और हास्यास्पद बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। राहुल गांधी को लेकर भाजपा नेताओं की बौखलाहट उनके बयानों से साफ दिखाई दे रही है।

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हल्के में लेने की भूल करने वालों को सदन में जवाब मिलने के बाद मुंह छुपाने की नौबत आई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस मजबूती और तथ्यों के साथ सरकार से सवाल पूछे हैं, उससे भाजपा की राजनीति असहज हुई है। उनके अनुसार, राहुल गांधी लगातार जनता, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा नेताओं की ओर से व्यक्तिगत बयानबाजी और अनर्गल टिप्पणियां की जा रही हैं। इससे उनकी हताशा और बौखलाहट ही सामने आती है। आलोक दूबे ने कहा कि राहुल गांधी के नाखून में भी भाजपा नेताओं को घबराहट महसूस हो रही है, क्योंकि नेता प्रतिपक्ष जनता की आवाज को सदन से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

झारखंड में जारी छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए आलोक दूबे ने कहा कि छात्रों का आंदोलन उनके भविष्य, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे गंभीर सवालों से जुड़ा हुआ है। ऐसे मुद्दों को राजनीतिक अखाड़ा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों, उनकी चिंता और भविष्य के सवालों को समझने की जरूरत है, न कि उनके आंदोलन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की।

आलोक दूबे ने आरोप लगाया कि भाजपा छात्रों के कंधे पर राजनीति की बंदूक चलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को भाजपा के बंद में 100 छात्र भी शामिल नहीं हुए और दावा किया कि बच्चों के बीच भाजपा का कोई जनाधार नहीं है। उन्होंने भाजपा के इस कार्यक्रम को “टांय-टांय फिस्स” बताते हुए कहा कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में राजनीतिक रोटी सेंकने की कोशिश सफल नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी छात्रों और युवाओं की आवाज सुनने तथा उनसे संवाद करने के लिए आगे आते हैं, तो भाजपा नेताओं को इससे परेशानी क्यों हो रही है? आलोक दूबे के मुताबिक, भाजपा को राहुल गांधी से इसलिए परेशानी है क्योंकि वह छात्रों और युवाओं के सवालों को सीधे सत्ता के सामने रखने का काम करते हैं।

प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों और युवाओं के बीच भाजपा का कोई जनसमर्थन नहीं है और छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश नाकाम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राहुल गांधी को कोसने और फोटो खिंचाने के बजाय छात्रों के मुद्दों पर गंभीरता से बात करें।

आलोक कुमार दूबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर छात्रों और युवाओं के हर मुद्दे पर राहुल गांधी को ही आगे आकर बोलना है, तो प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी क्या है? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इन जिम्मेदार नेताओं को भी झारखंड आना चाहिए, छात्रों के बीच बैठना चाहिए और उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान की दिशा में पहल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को छात्रों की वास्तविक समस्याओं और उनके भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, युवाओं के रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल किसी एक राजनीतिक दल के नहीं बल्कि पूरे समाज और सरकार की जिम्मेदारी से जुड़े विषय हैं।

आलोक दूबे ने आगे कहा कि भाजपा चाहे जितनी बयानबाजी कर ले, राहुल गांधी के सवालों और छात्रों-युवाओं की आवाज से भाग नहीं सकती। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी छात्रों और युवाओं के साथ खड़े हैं और उनके सवालों को मजबूती से उठाते रहेंगे।

आलोक दूबे के इन बयानों के बाद झारखंड की राजनीति में छात्रों के आंदोलन और राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस-भाजपा के बीच जुबानी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।

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Author: Ranchi Club Tv

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